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सहारा का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण : बीसीसीआई
बेंगलुरू, एजेंसी
First Published:04-02-12 03:18 PM
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शनिवार को सहारा इंडिया परिवार द्वारा स्पांसरशिप से नाता तोड़ने और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की पुणे वॉरियर्स टीम से हटने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। बीसीसीआई ने कहा है कि उसे इस सम्बंद में सहारा की ओर से कुछ भी लिखित में नहीं मिला है।
सहारा के पास आईपीएल की फ्रेंचाइजी पुणे वॉरियर्स का मालिकाना हक है। इस घोषणा के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम की मुख्य प्रायोजक कम्पनी सहारा और बीसीसीआई के बीच का 11 सालों का नाता टूट गया है।
आईपीएल के अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि नीलामी के दिन सहारा का बोर्ड के साथ सम्बंध तोड़ने का फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
शुक्ला ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन हमें इस बारे में कोई लिखित नोटिस नहीं मिला है। सहारा के इस फैसले के बाद भी आईपीएल और भारतीय टीम का सफर जारी रहेगा। इस सम्बंध में मार्केटिंग समिति जल्द ही कुछ फैसला लेगी। शुक्ला ने कहा कि सहारा नियमों में ढील चाहता था, जो बीसीसीआई को मंजूर नहीं था।
उधर, कम्पनी ने अपने बयान में कहा कि ऐसा लगता है कि बीसीसीआई को अब सहारा की जरूरत नहीं क्योंकि अब उसके पास बहुत धन आ चुका है। ऐसे में कम्पनी 11 साल पुराना रिश्ता तोड़ने पर विवश हो रही है।
कम्पनी ने कहा है कि एक प्रायोजक के रूप में 11 वर्षों की यात्रा के बाद हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि क्रिकेट अब बहुत धनवान हो चुका है। क्रिकेट की सहायता के लिए बहुत से धनी लोग मौजूद हैं। ऐसे में हम बहुत ही मानसिक शांति के साथ बीसीसीआई की अधीनता वाले क्रिकेट से अलग हो सकते हैं और हम भारी मन के साथ इससे अलग हो रहे हैं।
इसमें कहा गया है कि प्रयोजन की शुरुआत करना हमारे लिए एक भावनात्मक फैसला था, लेकिन हमारी भावना को कभी सराहा नहीं गया और कई स्वाभिक स्थितियों में इसका ध्यान नहीं रखा गया। हम बीसीसीआई की अधीनता वाले सभी क्रिकेट से अलग हो रहे हैं।
इस बारे में बीसीसीआई का कहना है कि सहारा को अभी औपचारिक नोटिस देना है। बेंगलुरु में शनिवार को आईपीएल-2012 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी सुचारू रूप से हो रही है।
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टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(2)
बिलकुल सही फैसले के लिए बहुत बहुत धन्यवाद सहारा प्रमुख क्रिकेट के हितैशी तो बहुत है मगर बाकी खेलो का क्या देश के अन्य खेलो के लिए ये एक बहुत ईमानदारी और हिम्मत से भरा फैसला सभी अन्य खेल वालो को इस फैसले का स्वागत करना अंत में एक बार फिर से सहारा परिवार को मेरी बहुत बहुत शुभकामनाये व
By Satender Singh Rawat (4th-February-2012 08:00:PM)
बहुत बहुत धन्यवाद सहाराश्री को इस nek, imandar aur sahsi kadam के देर से ही सही हमारे अन्य खेलो की सुध के लिए आख़िरकार कोई तो कब तक हम इस नामुराद क्रिकेट के पीछे बाकी के अन्य खेलो की दुर्दशा कोई kuch bhi kahe par ye faisla बाकी खेलो की unnati के लिए shayad nitant aavshyak काश अन्य बड़े व्यापारिक घराने भी ऐसा ही कुछ देश हित में अंत में बहुत बहुत धन्यवाद सम्पूर्ण सहारा परिवार
By Satender Singh Rawat (4th-February-2012 05:47:PM)
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