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संवेदनहीनता: सुकमा शहीदों को कैसे भूल गए आईपीएल आयोजक और सुपरस्टार

संवेदनहीनता: सुकमा शहीदों को कैसे भूल गए आईपीएल आयोजक और सुपरस्टार

1/3 संवेदनहीनता: सुकमा शहीदों को कैसे भूल गए आईपीएल आयोजक और सुपरस्टार

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें सीजन में सोमवार को मुंबई इंडियंस और राइजिंग पुणे सुपरजायंट के बीच मैच खेला गया था। इसी दिन छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ के जवानों पर नक्सलियों ने हमला बोल दिया था और 25 जवान शहीद हो गए थे। मैच के दौरान किसी भी क्रिकेटर के हाथ में इस घटना के विरोध में काली पट्टी देखने को नहीं मिली। इसी दिन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपना 44वां जन्मदिन भी मना रहे थे और पूरा वानखेड़े तेंदुलकर के जन्मदिन के जश्न में डूबा हुआ था। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या हमारे शहीद जवानों के लिए क्रिकेटरों को उस रात काली पट्टी बांधकर नहीं उतरना चाहिए था?

क्रिकेट को भद्रजनों का खेल कहा जाता है। किसी भी निंदनीय दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या इस तरह की किसी त्रासदी के दौरान क्रिकेटर अपनी बाजू पर काली पट्टी बांधकर उतरते हैं। वो इस काली पट्टी के जरिए संदेश देते हैं कि वो मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में पीड़ितों के साथ खड़े हैं और अपनी संवेदना कुछ इस तरह ही जाहिर करते हैं। हालांकि सुकमा अटैक के बाद सोमवार शाम को कोई भी क्रिकेटर बाजू पर काली पट्टी के साथ नहीं उतरा। आगे की स्लाइड में पढ़ें क्या है पूरा मामला...

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  • Web Title:mumbai indians and rising pune supergiant did not show any condolence sukma crpf martyres