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इलेक्ट्रानिक्स नीति ला सकती है एक अरब डालर निवेश
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:15-07-12 05:27 PM
राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक्स नीति (एनपीई) को मंजूरी से अगले तीन साल में देश के मोबाइल फोन क्षेत्र को एक अरब डालर का निवेश मिल सकता है। इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन (आईसीए) के अध्यक्ष पंकज महेंद्रू के अनुसार प्रस्तावित एनपीई से नई उत्पादन सुविधाएं शुरू करने या मौजूदा संयंत्रों के विस्तार के लिए तत्काल 75 करोड़ से एक अरब डालर का निवेश मिलने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि एनपीई को मंजूरी के साथ औपचारिक मंजूरी योजनाएं मसलन इलेक्ट्रानिक्स विकास कोष और इलेक्ट्रानिक्स के निर्यात को प्रोत्साहन देने वाली नीति होना जरूरी है, तभी निवेश आना शुरू होगा। आईसीए का अनुमान है कि देश में मोबाइल हैंडसेटों की मांग सालाना 10 से 12 फीसद की दर से बढ़ेगी और यह 2015 तक 28 करोड़ इकाई पर पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मांग को स्थानीय स्तर पर हैंडसेट उत्पादन के जरिये ही पूरा किया जा सकता है।
महेंद्रू का मानना है कि स्थानीय स्तर पर हैंडसेट विनिर्माण के लिए टिकाउ कराधान व्यवस्था के अलावा केंद्र और राज्य सरकारों को वित्तीय और गैर वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने होंगे। इलेक्ट्रानिक्स उद्योगों के इलेक्ट्रानिक्स इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ इंडिया के अनुमान के अनुसार फिलहाल इलेक्ट्रानिक्स उद्योग का आकार 70 अरब डालर का है। इसमें से 40 अरब डालर का आयात किया जाता है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल के अनुसार, मंत्रिमंडल की अगली बैठक में एनपीई पर फैसला किया जाएगा।
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