शुक्रवार, 28 अगस्त, 2015 | 12:58 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
झारखंड: चक्रधरपुर में बच्चे से छेड़छाड़ करनेवाला शिक्षक पदमुक्त, इससे पहले अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया, इसके बाद फादर ने आरोपी शिक्षक को हटाने की घोषणा की।झारखंड: सी-सैट मुद्दे पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित।
FDI के मोर्चे पर सुधारों से 2013 में निवेश बढ़ेगा
नई दिल्ली, एजंसी First Published:31-12-2012 02:58:07 PMLast Updated:31-12-2012 03:13:22 PM
Image Loading

वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते निवेश में नरमी आने से सरकार को 2012 में एफडीआई नीति में ढील देने को बाध्य होना पड़ा, जिसका असर 2013 में एफडीआई में तेज बढो़तरी के रूप में देखने को मिल सकता है।

विपक्षी दलों के भारी विरोध के बावजूद सरकार ने बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र, एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र, जिंस एक्सचेंज, बिजली एक्सचेंज, प्रसारण, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों और परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई नीति उदार की।

इस साल के 10 महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 33 प्रतिशत तक घटकर 21 अरब डॉलर पर आ गया, जो बीते साल की इसी अवधि में 31 अरब डॉलर था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में एक अधिकारी ने हालांकि, उम्मीद जताई कि कई महत्वपूर्ण निर्णयों को देखते हुए 2013 में देश में और एफडीआई आ सकता है।

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा कि सरकार को अधिक निवेश हासिल करने के लिए और सुधार करने होंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 वैश्विक एवं घरेलू कारकों से अच्छा नहीं रहा, लेकिन 2013 में चीजों में सुधार आने की उम्मीद है।

महीनों तक नीतिगत निर्णय लेने में लाचार रहने के आरोप का सामना करने वाली सरकार ने बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देकर निवेशकों में उत्साह पैदा किया। साथ ही उसने विमानन क्षेत्र में विदेशी विमानन कंपनियों को 49 प्रतिशत निवेश करने की भी अनुमति दी।

इसके अलावा, प्रसारण क्षेत्र में एफडीआई सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दी गई और साथ ही बिजली एक्सचेंजों में विदेशी निवेश की अनुमति दे दी गई। सरकार ने प्रसारण क्षेत्र में डीटीएच जैसी कंपनियों में एफडीआई सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दी।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को सरकार से बगैर पूर्व मंजूरी लिए कमोडिटी एक्सचेंजों में 23 प्रतिशत तक निवेश करने की भी अनुमति दे दी गई। वहीं, संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों में एफडीआई सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दी गई।

इस समय देश में 14 संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियां परिचालन कर रही हैं, जिनमें से 9 कंपनियों में विदेशी निवेश नहीं है। इस दौरान, सरकार ने घटिया मशीनों के आयात को हतोत्साहित करने के लिए पुरानी मशीनों के आयात के बदले इक्विटी देने की सुविधा वापस ले ली।

दीर्घकालीन दृष्टि के तहत औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने 2017 तक वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाकर 5 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जो 2007 में 1.3 प्रतिशत था।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image LoadingLIVE:भारत के लंच तक दो विकेट पर 50 रन
श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और आखिरी क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन शुक्रवार को भारत ने लंच तक पहली पारी में दो विकेट पर 50 रन बनाए।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
 
Image Loading

जब पप्पू पहंचा परीक्षा देने...
अध्यापिका: परेशान क्यों हो?
पप्पू ने कोई जवाब नहीं दिया।
अध्यापिका: क्या हुआ, पेन भूल आये हो?
पप्पू फिर चुप।
अध्यापिका : रोल नंबर भूल गए हो?
अध्यापिका फिर से: हुआ क्या है, कुछ तो बताओ क्या भूल गए?
पप्पू गुस्से से: अरे! यहां मैं पर्ची गलत ले आया हूं और आपको पेन-पेंसिल की पड़ी है।