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निवेशकों का विश्वास बहाल करेगा भारत: कृष्णा
वाशिंगटन, एजेंसी
First Published:13-06-12 11:53 AM
भारत में मौजूदा कारोबारी माहौल को लेकर संशय की स्थिति दूर करते हुए विदेशी मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को कहा कि भारत निवेशकों का विश्वास फिर से बहाल करने के लिये कदम उठाएगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाएगा।
भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता की पूर्व संध्या पर कृष्णा ने भारतीय उद्योग तथा उससे जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि हमारे अपने उद्योग के लिये भी कुछ मसले हैं।
इसमें पेशेवरों की बेरोकटोक आवाजाही के मामले में खराब माहौल, सेवा उद्योग में वैश्विक आपूर्ति श्रंखला के खिलाफ संरक्षणवादी भावना, सामाजिक सुरक्षा समझौते पर विचार करने से इनकार जिससे अमेरिका में 300,000 भारतीय पेशेवर प्रभावित हो रहे हैं, बाजार पहुंच का अनसुलझा मामला तथा सुपर 301 की सूची में भारत का अभी भी बने रहने का मामला शामिल है।
कृष्णा ने अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) की सालाना एकदिवसीय बैठक में यह बात कही। बैठक में अमेरिकी उद्योगपतियों तथा विश्लेषकों ने भारत में मौजूदा कारोबारी माहौल को लेकर संदेह जताया था और वहां आर्थिक सुधार नहीं होने को लेकर चिंता व्यक्त की थी।
विदेश मंत्री ने बैठक में कहा कि मुझे भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के बेहतर भविष्य को लेकर पूरा विश्वास है। मैं जानता हूं कि इस समय दोनों पक्षों में कारोबारी धारणा में संदेह के बादल हैं। मैं अमेरिकी उद्योगपतियों की चिंताओं से अवगत हूं।
एसएम कृष्णा ने कहा कि यह स्वभाविक है कि जब हमारा आर्थिक संबंध बढ़ेगा, हमारे समझ मसले भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि लेकिन यह भी सही है कि जैसे-जैसे हमारे संबंध मजबूत हो रहे हैं मसलों का समाधान ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।
अमेरिकी उद्योगपतियों की चिंताओं पर कृष्णा ने संदेह को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ये धारणाएं कोई नई नहीं हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष पिछले दो दशकों में आये उल्लेखनीय बदलाव के बाद कुछ ऐसे भी समय आये जब आर्थिक वृद्धि और सुधार की गति थोड़ी धीमी हुई।
विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक अंतर निर्भरता के युग में हर चीज देश की सरकारों के हाथ में नहीं होती। लेकिन हमें विश्वास है कि हम निवेशकों का विश्वास फिर से बहाल करेंगे और आर्थिक वृद्धि को गति देंगे।
भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता की पूर्व संध्या पर कृष्णा ने भारतीय उद्योग तथा उससे जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि हमारे अपने उद्योग के लिये भी कुछ मसले हैं।
कृष्णा ने अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) की सालाना एकदिवसीय बैठक में यह बात कही। बैठक में अमेरिकी उद्योगपतियों तथा विश्लेषकों ने भारत में मौजूदा कारोबारी माहौल को लेकर संदेह जताया था और वहां आर्थिक सुधार नहीं होने को लेकर चिंता व्यक्त की थी।
विदेश मंत्री ने बैठक में कहा कि मुझे भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के बेहतर भविष्य को लेकर पूरा विश्वास है। मैं जानता हूं कि इस समय दोनों पक्षों में कारोबारी धारणा में संदेह के बादल हैं। मैं अमेरिकी उद्योगपतियों की चिंताओं से अवगत हूं।
एसएम कृष्णा ने कहा कि यह स्वभाविक है कि जब हमारा आर्थिक संबंध बढ़ेगा, हमारे समझ मसले भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि लेकिन यह भी सही है कि जैसे-जैसे हमारे संबंध मजबूत हो रहे हैं मसलों का समाधान ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।
अमेरिकी उद्योगपतियों की चिंताओं पर कृष्णा ने संदेह को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ये धारणाएं कोई नई नहीं हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष पिछले दो दशकों में आये उल्लेखनीय बदलाव के बाद कुछ ऐसे भी समय आये जब आर्थिक वृद्धि और सुधार की गति थोड़ी धीमी हुई।
विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक अंतर निर्भरता के युग में हर चीज देश की सरकारों के हाथ में नहीं होती। लेकिन हमें विश्वास है कि हम निवेशकों का विश्वास फिर से बहाल करेंगे और आर्थिक वृद्धि को गति देंगे।
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