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नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:03-02-12 09:14 PM
Last Updated:04-02-12 12:57 AM
उच्चतम न्यायालय द्वारा गुरुवार को 122 2जी लाइसेंस रद्द करने के फैसले के बाद देश में निचली कॉल दरों का दौर खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि फोन की कॉल दरों में बढ़ोतरी इस फैसले के बाद लगभग तय है। इस समय देश में कॉल दरें दुनिया में सबसे कम दरों में से हैं।
माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद पुराने खिलाड़ियों को कॉल दरें बढ़ाकर अपना मार्जिन बढ़ाने का मौका मिलेगा। क्रिसिल रिसर्च के एक बयान में कहा गया है कि ऑपरेटरों की संख्या घटने से पुराने ऑपरेटर कॉल दरें बढ़ाने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।
बयान में कहा गया है कि लाइसेंस रद्द होने के कारण जो नए ऑपरेटर आएंगे, उन्हें स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिये किया जाएगा। इससे उनकी लागत बढ़ जाएगी, जिससे निश्चित रूप से कॉल दरों में बढ़ोतरी होगी। गार्टनर ने कहा है कि लाइसेंस रद्द किए जाने से पुराने आपरेटरों के पास 3जी और अन्य ढांचे में अपने बढ़े निवेश की लागत निकालने का मौका है।
गार्टनर के अनुसंधान निदेशक कमलेश भाटिया ने कहा कि सामान्य तौर पर हम दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। मार्जिन पर दबाव की वजह से पुराने आपरेटर दरों में बढ़ोतरी कर 3जी और बीडब्ल्यूए में किए गए अपने निवेश को निकालने का प्रयास करेंगे।
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