मंगलवार, 26 मई, 2015 | 19:11 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    दिल्ली विधानसभा: विशेष सत्र में हंगामा, बीजेपी विधायक को बाहर निकाला  यूपी: गर्मी का कहर जारी, राहत के आसार नहीं इस रेस्टोरेंट में आने वालों को बनना पड़ता है कैदी प्रतापगढ़ में रोडवेज के कैशियर की हत्या कर साढ़े सात लाख की लूट  सलमान को दुबई जाने के लिए कोर्ट से मिली अनुमति वसीम रिजवी शिया वक्फ बोर्ड के फिर चेयरमैन साहित्यिक चोरी के आरोप में 'पीके' के निर्माताओं को नोटिस 9 अधिकारियों के तबादले के बाद एलजी से मिले केजरीवाल  कांग्रेस के दस साल पर भारी भाजपा का एक साल: स्मृति दुनिया कर रही हरमन की तारीफ, किसी ने भेजा कार्ड तो किसी ने फर्नीचर
भारतीय बाजार के लिए पैसा खर्च नहीं किया: वालमार्ट
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:10-12-12 10:38 PMLast Updated:10-12-12 10:42 PM
Image Loading

भारती वालमार्ट ने भारतीय बाजार में घुसने के  लिए भारत में लाबिंग (जनसंपर्क) पर पैसा खर्च करने के आरोप से सोमवार को इनकार किया।

अमेरिकी संसद में लाबिंग खर्च के बारे में दी गई जानकारी के खुलासे के बाद भारती वालमार्ट प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि ये आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। अमेरिकी कानून के अनुसार अमेरिकी कंपनियों को तिमाही आधार पर लाबिंग खर्च के बारे में ब्योरा देना होता है।

बयान में कहा गया है कि ये खर्च कर्मचारियों, दूसरी देनदारियां, परामर्श तथा अमेरिका में दिए गए योगदान से संबद्ध है। अधिकारी ने कहा कि हमारा वाशिंगटन कार्यालय स्वभाविक रूप से अमेरिकी अधिकारियों के साथ उन व्यापार और निवेश मुद्दों पर चर्चा करता रहता है जो अमेरिका तथा दुनिया के अन्य देशों पर प्रभाव डालता है।

इस बारे में कानून के मुताबिक घोषणा की जाती है। वालमार्ट द्वारा 2008 से अब तक भारत में निवेश के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने समेत विभिन्न लाबिंग गतिविधियों पर 2.5 करोड़ डॉलर (करीब 125 करोड़ रुपए) खर्च किए जाने की रिपोर्ट के मद्देनजर भाजपा तथा वाम दलों ने आरोप लगाया है कि पैसा भारत में खर्च किया गया। भारती वालमार्ट प्राइवेट लि भारती इंटरप्राइजेज तथा दुनिया की प्रमुख खुदरा कंपनी वालमार्ट की संयुक्त उद्यम है। 

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
Image Loadingधौनी से कप्तानी के गुर सीखे : होल्डर
वेस्टइंडीज की वनडे टीम के युवा कप्तान जैसन होल्डर को लगता है कि चेन्नई सुपरकिंग्स के साथ बिताये गये दिनों में उन्हें किसी और से नहीं बल्कि भारत के सीमित ओवरों की टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से कप्तानी के गुर सीखने को मिले थे।