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सात जनवरी को फिर होगी स्पेक्ट्रम नीलामी पर मंत्रिसमूह की बैठक
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:03-01-13 05:35 PM
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दूरसंचार क्षेत्र पर मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने गुरुवार को स्पेक्ट्रम नीलामी से जुड़े़ कई मुद्दों पर विचार किया लेकिन कोई निर्णय नहीं किया है। नीलामी इसी वित्त वर्ष में होनी है और इस विषय में निर्णय के लिए इन मंत्रियों की बैठक अब सात जनवरी को होगी।

दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिसमूह की बैठक करीब दो घंटे चली जिसमें विभिन्न मामलों पर विचार किया गया। इन मामलों पर और चर्चा के लिए सात जनवरी को फिर से बैठक करने का फैसला किया।

शीर्षस्थ सूत्र ने बताया अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह ने 1800-900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के विषय में विचार-विमर्श किया लेकिन वह सीडीएमए फ्रिक्वेंसी (800 मेगाहर्ट्ज) पर चर्चा नहीं कर सका। नीलामी 18 जनवरी तक संभव नहीं लगती लेकिन यह चालू वित्त वर्ष के दौरान ही होगी।

जिन दूरसंचार कंपनियों के लाइसेंस उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद रद्द हो चुके हैं उन्हें अब 18 जनवरी तक ही सेवाएं जारी रखने का समय है। मंत्रिमंडल ने 1800 मेगाहर्ट्ज और 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में शेष बचे जीएसएम स्पेक्ट्रम की बिक्री को मंजूरी दे रखी है।

मंत्रिसमूह को दूरसंचार विभाग द्वारा तैयार नीलामी योजना पर निर्णय करना है। आज की बैठक में इस योजना पर चर्चा की गयी। समझा जाता है कि सरकार स्पेक्ट्रम नीलामी की नई योजना तैयार कर रही है जिससे सरकारी खजाने में न्यूनतम अनुमानित 39,895 करोड़ रुपए आएंगे। इसमें से 25,316 करोड़ रुपए ज्यादा महंगे 900 मेगाहत्र्ज बैंड के स्पेक्ट्रम से और 14,579 करोड़ रुपए 1800 मेगाहत्र्ज स्पेक्ट्रम से आने की संभावना है। 

 
 
 
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