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सहारा रियल्टी कंपनी का इरादा संदेहजनक: सर्वोच्च न्यायालय
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:03-12-12 08:36 PM
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सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को सहारा समूह की रियल्टी कंपनी को फटकार लगाई और कहा कि निवेशकों का पैसे लौटाने में कंपनी का इरादा संदेहास्पद है। कंपनी ने वैकल्पिक रूप से पूरी तरह परिवर्तनीय डिबेंचर योजना के तहत निवेशकों से पैसे जुटाए थे।

मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर, न्यायमूर्ति एस.एस. निज्जर और न्यायमूर्ति जे. चेलामेस्वर की पीठ ने कहा कि (निवेशकों के पैसे) लौटाने का आपका इरादा नहीं है। आपका इरादा संदेहास्पद है। सहारा इंडिया रियल एस्टेट कारपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कारपोरेशन ने शेयर अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा जारी एक आदेश को अदालत में चुनौती दी है।

 
 
 
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