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हड़ताल का बैंकिंग सेवाओं पर रहा आंशिक असर
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:20-12-12 09:35 PM
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कर्मचारियों के एक वर्ग की हड़ताल से गुरुवार को देश भर में सार्वजनिक बैंकों के कामकाज पर आंशिक असर पड़ा। कर्मचारियों ने बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के विरोध में एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया था।

देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने हड़ताल से खुद को अलग रखा इसलिए उसकी शाखाओं में कामकाज सामान्य रहा। पश्चिम बंगाल, केरल, त्रिपुरा तथा तमिलनाडु में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कामकाज पर बुरा असर पड़ा।

महानगरों में सार्वजनिक बैंकों की शाखाएं खुली थीं क्योंकि अधिकारी स्तर के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हुए। वहीं अर्धशहरी तथा ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाओं में सामान्य परिचालन प्रभावित हुआ।  हड़ताल का असर नकदी निकासी व जमा कराने, चैकों के समाशोधन तथा इलेक्ट्रानिक नकदी अंतरण पर पड़ा।

इलाहाबाद बैंक की प्रबंध निदेशक सुब्बालक्ष्मी पांसे के अनुसार 2,500 में से 900 से अधिक शाखाएं खुलीं थी और 710 शाखाओं में लेन-देन हुआ।

ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए), बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई), ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) तथा नेशनल यूनियन ऑफ बैंक एम्पलाइज (एनयूबीई) ने हड़ताल में भाग लिया।
एआईबीईए के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि बैंकिंग नियम कानून तथा बैंकिंग कपनी कानून में संशोधनों के खिलाफ यह हड़ताल बुलाई गई थी। इन संशोधनों से सार्वजनिक बैंकों में विदेशी इक्विटी की राह खुलेगी।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग कानूनों में संशोधन से सार्वजनिक बैंकों के हित प्रभावित होंगे। चेन्नई से मिले समाचार के अनुसार 35,000 से अधिक कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण राज्य भर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई।

चंडीगढ़ से रपट के अनुसार पंजाब व हरियाणा में इस हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिला। कुछ सार्वजनिक बैंकों में सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई जबकि निजी बैंकों में सामान्य कामकाज हुआ।

 
 
 
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