बुधवार, 01 जुलाई, 2015 | 18:19 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
हमें समय के इस बदलाव का समझना होगा नहीं तो हम पीछे रह जाएंगे: पीएम मोदीभारत के भविष्य को बदलने का खाका खींचा गया: पीएम मोदीडिजीटल इंडिया से देश का सपना सच होगा: पीएम मोदीआज बच्चा भी चश्मे की जगह मोबाइल छीनता है, बच्चे भी डिजीटल ताकत को समझ रहे हैं: पीएम मोदीपीएम मोदी ने कहा, आज साढे चार लाख करोड रुपये का निवेश और करीब 18 लाख नौकरियों का ऐलान हुआलखीमपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से छह बच्‍चों की मौत, बुखारीटोला में खेत में भरे पानी में डूबे चार बच्‍च्‍ो, नरेन्‍द्र नगर में बाढ़ से उफनाए नाले में दो बच्‍चे डूबे250 हजार करोड निवेश करेंगे, पांच लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगी नौकरी: मुकेश अंबानीमुकेश अंबानी ने कहा, पीएम की सोच हमारी प्रेरणा, लोगों की जिंदगी बदलेगीडिजीटल इंडिया वीक की शुरूआत, कार्यक्रम में मौजूद हैं कई बडे उद्योगपति
न्यूनतम और अधिकतम हवाई किराए की सीमा तय करेगी सरकार
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:28-12-12 09:34 PM
Image Loading

छुटिटयों के व्यस्त समय के दौरान विमान किराये आसमान छू जाते हैं। ऐसे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय किसी एक निश्चित अवधि के लिए न्यूनतम और अधिकतम किराया दरें तय करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। किसी भी एयरलाइंस को इस सीमा को लांघने की अनुमति नहीं होगी।

मंत्रालय जहां अधिकतम और न्यूनतम मूल्य बैंड पर काम कर रहा है, वहीं उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इसका बेहतर हल यह होगा कि विमान किराए एयरलाइंस द्वारा निकाले गए प्रति किलोमीटर राजस्व के हिसाब से तय किए जाएं।

फिलहाल दिल्ली और कोच्चि के बीच न्यूनतम रिटर्न टिकट का मूल्य 22,755 रुपए है, जबकि दिल्ली-गोवा मार्ग पर यह 22,527 रुपए है। दिल्ली-मुंबई के लिए यह 15,000 रुपए और दिल्ली-कोलकाता के लिए 16,000 रुपए है।

नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने हवाई किरायों में भारी वृद्धि पर चिंता जताई है। खासकर व्यस्त समय के दौरान। ऐसे यात्री जो अंतिम समय में टिकट बुक कराते हैं उन्हें भारी राशि चुकानी पड़ती है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सरकार किराया दरें तय नहीं करेगी। लेकिन वह एक ऐसे फार्मूला पर काम कर रही है जिसमें एयरलाइंस के साथ विचार-विमर्श के बाद न्यूनतम और अधिकतम किराया दरें तय की जा सकें। सूत्रों ने कहा कि किराया दरें इस सीमा के पार नहीं जा सकेंगी।

एयरोनाटिकल सोसायटी आफ इंडिया के देबाशीष साहा ने न्यूनतम और अधिकतम किराया तय करने का समर्थन करते हुए कहा कि न्यूनतम और अधिकतम किराया तय करने के पीछे कोई तर्क होना चाहिए। इसकी गणितीय गणना होनी चाहिए। किराया दरें प्रति किलोमीटर औसत सीटों के हिसाब से तय होनी चाहिए।

उन्होंने किराया दरों में अधिक पारदर्शिता की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि यात्रियों को पता होना चाहिए कि उन्हें कितना किराया देना है।

 
 
 
|
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड