शनिवार, 28 फरवरी, 2015 | 12:21 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
रिटर्न में बतानी होगी विदेश की संपत्तिविदेश में काला धन मिलने पर जुर्माना 300 फीसद के हिसाब सेपंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल में एम्स का एलान54 फीसदी युवा आबादी के लिए दक्षता योजना की ज़रूरतकैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना हैगुजरात में फाइनेंशियल सेंटर तैयाररक्षा में पहले ही विदेशी निवेश की इजाजतइनकम टैक्स में कोई बदलाव नहींरोजगार बढ़ाने के लिए कार्पोरेट टैक्स का रेट घटेगाटैक्स में कोई नया फायदा नहींइनकम टैक्स का स्लैब पुराना वाला ही रहेगारोड और रेल के लिए टैक्स फ्री बॉन्डपीएम कृषि सिंचाई योजना में 3 हजार करोड़ और देंगेज्यादा टैक्स मिलेगा तो मनरेगा को 5 हजार करोड़ और देंगेअल्पसंख्यकों के लिए नई मंजिल योजना5 नई अल्ट्रा मेगा बिजली परियोजना का प्रस्तावई बिज पोर्टल की शुरुआत, परमिशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगादो लाख का दुर्घटना बीमा देगी सरकारअटल पेंशन योजना का ऐलानप्रधानमंत्री बीमा योजना शुरु करेंगेअटल पेंशन योजना: एक हजार सरकार देगी, एक हजार लोग देंगेबिना दावे के EPF और PPF के पैसे से गरीबों के लिए योजनागरीबी रेखा से नीचे के बुजुर्गों के लिए पीएम बीमा योजनामुद्रा के लिए 20 हजार करोड़ की निधिसब्सिडी लीक को कम करेंगेअगले साल सातवां वेतन आयोगछोटे उद्योगों के लिए मुद्रा बैंकमनरेगा के लिए 34699 करोड़ग्रामीण विकास फंड के लिए 25 हजार करोड़मुझे उम्मीद है कि अमीर लोग गैर सब्सिडी छोड़ेंगेजरूरतमंदों के खाते में सब्सिडी सीधे पहुंच रही हैसब्सिडी जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोरमहंगाई दर 5.1 फीसदी है: जेटलीवित्तीय घाटा 3 प्रतिशत से कम करेंगे: जेटलीइंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की कमी: जेटलीकृषि में पैदावार बढ़ानी है: जेटलीसरकारी घाटे को काबू में करना है: जेटली20 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाएंगे2022 तक बेरोजगारी को खत्म कर देंगे2022 तक सभी के लिए घर का लक्ष्य: जेटलीहमने महंगाई पर काबू किया है: जेटलीजनधन आधार मोबाइल का इस्तेमाल करेंगेसब्सिडी के लिए JAM का इस्तेमालदुनिया में मंदी का माहौल है: जेटलीलोगों की जिंदगी बेहतर करना है लक्ष्य: जेटलीराज्य बराबर के भागीदार होंगे: जेटलीजेटली ने पुरानी सरकार पर निशाना साधालोकसभा की कार्रवाई शुरुकैबिनेट की बैठक में बजट को मिली मंजूरी
न्यूनतम और अधिकतम हवाई किराए की सीमा तय करेगी सरकार
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:28-12-12 09:34 PM
Image Loading

छुटिटयों के व्यस्त समय के दौरान विमान किराये आसमान छू जाते हैं। ऐसे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय किसी एक निश्चित अवधि के लिए न्यूनतम और अधिकतम किराया दरें तय करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। किसी भी एयरलाइंस को इस सीमा को लांघने की अनुमति नहीं होगी।

मंत्रालय जहां अधिकतम और न्यूनतम मूल्य बैंड पर काम कर रहा है, वहीं उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इसका बेहतर हल यह होगा कि विमान किराए एयरलाइंस द्वारा निकाले गए प्रति किलोमीटर राजस्व के हिसाब से तय किए जाएं।

फिलहाल दिल्ली और कोच्चि के बीच न्यूनतम रिटर्न टिकट का मूल्य 22,755 रुपए है, जबकि दिल्ली-गोवा मार्ग पर यह 22,527 रुपए है। दिल्ली-मुंबई के लिए यह 15,000 रुपए और दिल्ली-कोलकाता के लिए 16,000 रुपए है।

नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने हवाई किरायों में भारी वृद्धि पर चिंता जताई है। खासकर व्यस्त समय के दौरान। ऐसे यात्री जो अंतिम समय में टिकट बुक कराते हैं उन्हें भारी राशि चुकानी पड़ती है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सरकार किराया दरें तय नहीं करेगी। लेकिन वह एक ऐसे फार्मूला पर काम कर रही है जिसमें एयरलाइंस के साथ विचार-विमर्श के बाद न्यूनतम और अधिकतम किराया दरें तय की जा सकें। सूत्रों ने कहा कि किराया दरें इस सीमा के पार नहीं जा सकेंगी।

एयरोनाटिकल सोसायटी आफ इंडिया के देबाशीष साहा ने न्यूनतम और अधिकतम किराया तय करने का समर्थन करते हुए कहा कि न्यूनतम और अधिकतम किराया तय करने के पीछे कोई तर्क होना चाहिए। इसकी गणितीय गणना होनी चाहिए। किराया दरें प्रति किलोमीटर औसत सीटों के हिसाब से तय होनी चाहिए।

उन्होंने किराया दरों में अधिक पारदर्शिता की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि यात्रियों को पता होना चाहिए कि उन्हें कितना किराया देना है।

 
 
|
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड