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बुनियादी ढांचा क्षेत्र में हांगकांग से निवेश चाहता है भारत
हांगकांग, एजेंसी
First Published:04-08-12 01:17 PM
भारत ने हांगकांग से उसके कोयला खनन और उर्जा सहित तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश का आह्वान किया है। भारत ने कहा है कि इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत उर्जा क्षेत्र को तेजी से बढ़ाने के पूरे प्रयास कर रहा है। आधुनिकीकरण तथा प्रौद्योगिकी उन्नयन की योजनाएं पेश की जा रही हैं, जिससे कोयला उत्पादन बढ़ाया जा सके। विदेशी निवेशक हमारे इन प्रयासों का हिस्सा बन सकते हैं।
कोयला मंत्री बुनियादी ढांचा वित्त निगम (आईडीएफसी) द्वारा आयोजित सम्मेलन में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। जायसवाल वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ आए हैं। प्रतिनिधिमंडल में कोल इंडिया के चेयरमैन एस नरसिंग राव भी शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि भारत को अगले पांच साल के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1,000 अरब डॉलर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को जानती है कि इतना भारी निवेश तभी संभव है, जब निवेशकों की धारणा पर ध्यान दिया जाए।
कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत उर्जा क्षेत्र को तेजी से बढ़ाने के पूरे प्रयास कर रहा है। आधुनिकीकरण तथा प्रौद्योगिकी उन्नयन की योजनाएं पेश की जा रही हैं, जिससे कोयला उत्पादन बढ़ाया जा सके। विदेशी निवेशक हमारे इन प्रयासों का हिस्सा बन सकते हैं।
कोयला मंत्री बुनियादी ढांचा वित्त निगम (आईडीएफसी) द्वारा आयोजित सम्मेलन में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। जायसवाल वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ आए हैं। प्रतिनिधिमंडल में कोल इंडिया के चेयरमैन एस नरसिंग राव भी शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि भारत को अगले पांच साल के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1,000 अरब डॉलर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को जानती है कि इतना भारी निवेश तभी संभव है, जब निवेशकों की धारणा पर ध्यान दिया जाए।
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