रविवार, 01 फरवरी, 2015 | 18:44 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
दिल्ली को आगे बढ़ाना है तो भाजपा को पूर्ण बहुमत दीजिए : मोदीजहां झुग्गी होगी वहीं पक्का मकान बनाएंगे : मोदीशहर में ट्रफिक की समस्या का समाधान किरण बेदी करा देंगी : मोदीगरीबों को गरीब रखकर राजनीति हुई : मोदीचुनाव भी विकास के मु्द्दे पर लड़ता हूं और सरकार भी विकास के मुद्दे पर चलाता हूं : मोदीमेरे पास किताबी ज्ञान नहीं, लोगों की शक्ति की पहचान है : मोदीटीवी में जगह से सरकार नहीं चलती : मोदीयुवा देश का लाभ लेना मुझे आता है : मोदीअगर नसीबवाले से आपका पैसा बचता है तो बदनसीब की क्या जरूरत : मोदीमेरे नसीब से तेल-पेट्रोल सस्ता हुआ तो क्या बुरा है : मोदीआपने जो प्यार दिया अब मुझे वह ब्याज समेत लौटाना है : मोदीआंदोलन की आदत रखने वालों को सिर्फ टीवी में जगह चाहिए : मोदीदिल्ली को जिम्मेवार सरकार चाहिए : मोदीभागने से काम नहीं चलता, सरकार चलाना बड़ी जिम्मेदारी : मोदीरोज विरोधी सुबह उठकर सोचते हैं कि आज कौन सा झूठ फैलाया जाए : मोदीकांग्रेस-आप में झूठ बोलने की होड़ : मोदीकांग्रस-आप ने कुर्सी के लिए सौदा किया : मोदीहम समस्या दूर करने की सोचते हैं : मोदीदिल्ली से पानी का वादा पूरा किया : मोदीदिल्ली के द्वारका में पीएम मोदी ने रैली के दौरान कहा, मैं असली दिल्लीवाला हो गया हूंदिल्ली के द्वारका में पीएम मोदी की रैलीबीजेपी नफरत फैला रही है : सोनियाबीजेपी ने झूठे वादे किए, किसानों के सपने का क्या हुआ, काला धन वापस कहां आया : सोनियाहमने झुग्गीवालों को घर दिये : सोनियादिखावे की राजनीति करने वालों से सतर्क रहने की जरूरत : सोनियाबिहार के फारबिरगंज में काले झंडों के साथ अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन, फांस की शार्ली एब्दो पत्रिका द्वारा पैगंबर मोहम्मद साहब का कार्टून छापने के विरोध में किया प्रदर्शन।
औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े निराशाजनक: प्रणब
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:12-04-12 03:18 PM
Image Loading

औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर के आंकड़ों को निराशाजनक बताते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इसकी मुख्य वजह सख्त मौद्रिक नीति और वैश्विक कारणों को बताया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार औद्योगिक उत्पादन में सुधार के लिए कदम उठाएंगे।
    
वित्त मंत्री ने कहा कि इन आंकड़ों का असर अगले सप्ताह पेश होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा में दिखाई देगा। सरकार और रिजर्व बैंक अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए मिलकर कदम उठाएंगे।
     
फरवरी माह में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 4.1 फीसदी पर आ गई है, जो एक साल पहले इसी महीने में 6.7 प्रतिशत रही थी। अप्रैल से फरवरी 2011-12 के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 3.5 प्रतिशत रह गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 8.1 फीसदी थी।
    
वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता तथा पिछले कुछ समय से मौद्रिक नीति में सख्ती की वजह से निवेश में सुधार प्रभावित हुआ है।

रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की समीक्षा 17 अप्रैल को पेश करने जा रहा है। जनवरी, 2012 के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े को संशोधित कर 6.8 से 1.14 फीसदी किए जाने को निराशाजनक बताते हुए मुखर्जी ने कहा कि 2011-12 की अंतिम तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की स्थिति में सुधार उतना नहीं हुआ, जैसी उम्मीद थी।

 
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड