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मार्च में होगी स्पेक्ट्रम की दूसरे दौर की नीलामी
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:07-01-13 01:29 PM
स्पेक्ट्रम बिक्री के लिये दूसरे दौर की नीलामी मार्च में शुरू होगी। यह नीलामी मंत्रिमंडल द्वारा 800 मेगाहटर्ज बैंड में आरक्षित मूल्य घटाने के निर्णय के बाद होगी। इस बैंड के स्पेक्ट्रम का उपयोग सीडीएम आधारित मोबाइल सेवाओं के लिये होता है।
मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की बैठक के बाद दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि सभी नीलामी मार्च में होगी। सीडीएमए नीलामी के बारे में उन्होंने कहा कि सभी सर्किंलों में 800 मेगाहटर्ज बैंड के लिये बोली आमंत्रित की जाएगी।
इस बीच, सूत्रों ने कहा कि ईजीओएम ने सीडीएमए स्पेक्ट्रम मूल्य में 30 से 50 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव किया है और इस बारे में अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल करेगा। सूत्र ने कहा, मंत्रिमंडल सीडीएमए स्पेक्ट्रम कीमत के बारे में निर्णय करेगा। नीलामी 11 मार्च को शुरू होगी।
सरकार पिछले साल नवंबर में हुई सीडीएमए स्पेक्ट्रम की नीलामी करने में विफल रही। उच्च आरक्षित मूल्य के कारण कोई भी इसके लिये बोली लगाने आगे नहीं आया। 1800 मेगाहटर्ज बैंड में जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिये आरक्षित मूल्य के मुकाबले सीडीएमए स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य 1.3 गुना अधिक था। देश भर के लिये 1800 मेगाहटर्ज बैंड में 5 मेगाहटर्ज स्पेक्ट्रम हेतु आरक्षित मूल्य 14,000 करोड़ रुपये रखा गया था।
पिछली नीलामी में सरकार को स्पेक्ट्रम बिक्री से केवल 9,407 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि इससे 28,000 करोड़ रुपये की आय की उम्मीद की जा रही थी। इसका कारण उच्च आरक्षित मूल्य था।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल फरवरी में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में 122 लाइसेंस रद्द कर दिये। इसमें सिस्तेमाल श्याम टेलीसर्विसेज को 21 सर्किलों में मिला लाइसेंस तथा तीन सर्किलों में टाटा टेलीसर्विसेज को मिला लाइसेंस शामिल हैं।
इन कंपनियों के लिये संबद्ध सर्किंलों में सेवा में बने रहने के लिये स्पेक्ट्रम लेना जरूरी है। इस मामले में उनका लाइसेंस 18 जनवरी को समाप्त होगा। लेकिन उच्च आरक्षित मूल्य के कारण दोनों कंपनियों ने नीलामी में भाग नहीं लिया।
मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की बैठक के बाद दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि सभी नीलामी मार्च में होगी। सीडीएमए नीलामी के बारे में उन्होंने कहा कि सभी सर्किंलों में 800 मेगाहटर्ज बैंड के लिये बोली आमंत्रित की जाएगी।
इस बीच, सूत्रों ने कहा कि ईजीओएम ने सीडीएमए स्पेक्ट्रम मूल्य में 30 से 50 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव किया है और इस बारे में अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल करेगा। सूत्र ने कहा, मंत्रिमंडल सीडीएमए स्पेक्ट्रम कीमत के बारे में निर्णय करेगा। नीलामी 11 मार्च को शुरू होगी।
सरकार पिछले साल नवंबर में हुई सीडीएमए स्पेक्ट्रम की नीलामी करने में विफल रही। उच्च आरक्षित मूल्य के कारण कोई भी इसके लिये बोली लगाने आगे नहीं आया। 1800 मेगाहटर्ज बैंड में जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिये आरक्षित मूल्य के मुकाबले सीडीएमए स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य 1.3 गुना अधिक था। देश भर के लिये 1800 मेगाहटर्ज बैंड में 5 मेगाहटर्ज स्पेक्ट्रम हेतु आरक्षित मूल्य 14,000 करोड़ रुपये रखा गया था।
पिछली नीलामी में सरकार को स्पेक्ट्रम बिक्री से केवल 9,407 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि इससे 28,000 करोड़ रुपये की आय की उम्मीद की जा रही थी। इसका कारण उच्च आरक्षित मूल्य था।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल फरवरी में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में 122 लाइसेंस रद्द कर दिये। इसमें सिस्तेमाल श्याम टेलीसर्विसेज को 21 सर्किलों में मिला लाइसेंस तथा तीन सर्किलों में टाटा टेलीसर्विसेज को मिला लाइसेंस शामिल हैं।
इन कंपनियों के लिये संबद्ध सर्किंलों में सेवा में बने रहने के लिये स्पेक्ट्रम लेना जरूरी है। इस मामले में उनका लाइसेंस 18 जनवरी को समाप्त होगा। लेकिन उच्च आरक्षित मूल्य के कारण दोनों कंपनियों ने नीलामी में भाग नहीं लिया।
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