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एक मंच पर आकर भी मोदी-नवाज में नहीं हुआ आमना-सामना
रिजर्व बैंक से दर में कटौती करने की मांग
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:16-12-12 07:23 PM
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मुद्रास्फीति में नरमी के रुख से उत्साहित बैंकों ने रिजर्व बैंक से अपनी मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती करने की मांग की है। उद्योग जगत भी दरों में कटौती की मांग करता रहा है ताकि वृद्धि दर एवं निवेश को प्रोत्साहित किया जा सके।

एसबीआई के प्रबंध निदेशक दिवाकर गुप्त के मुताबिक, रिजर्व बैंक को रेपो दर और सीआरआर (नकद आरक्षित अनुपात) दोनों में कटौती करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बैंकर के तौर पर मैं हमेशा कहूंगा कि हमारी इच्छा है कि दर में बदलाव आना चाहिए इन्हें घटाया जाना चाहिए।

इंडियन ओवरसीज बैंक के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक एम नरेंद्र ने कहा कि आज की तारीख में चूंकि नकदी की स्थिति थोड़ी सख्त है, मुझे लगता है कि नकदी बढ़ाने के कुछ उपाय किए जाने चाहिए।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सीएमडी डी सरकार ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि नीतिगत दरों में कुछ कटौती की जाए। इससे धारणा मजबूत होगी और आर्थिक वृद्धि दर में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि बैंकिंग जगत अनुमान लगा रहा है कि रेपो दर या सीआरआर में चौथाई प्रतिशत की कटौती की जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि मुद्रास्फीति में तेजी के रुख को देखते हुए रिजर्व बैंक ने अपनी पिछली तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों को जस का तस छोड़ते हुए जनवरी-मार्च तिमाही में मौद्रिक नीति नरम करने का संकेत दिया था।

 
 
 
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