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खुदरा बाजार की महंगाई से चिंतित रिजर्व बैंक
मुंबई, एजेंसी First Published:18-12-12 03:21 PM
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रिजर्व बैंक ने थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति में आई नरमी पर तो संतोष जताया, लेकिन खुदरा बाजार की मुद्रास्फीति को लेकर उसकी चिंता साफ झलकती है।

केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि थोक मूल्य सूचकांक के उलट खुदरा मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई है। सब्जियों, अनाज, दलहन, तेल और वसा आदि वस्तुओं के दाम बढ़ने से खाद्य वस्तुओं के वर्ग में मुद्रास्फीति का दबाव साफ झलकता है।

रिजर्व बैंक की मंगलवार को जारी मध्य तिमाही समीक्षा में मुद्रास्फीति के बारे में कोई नया अनुमान तो घोषित नहीं किया गया, लेकिन खुदरा मुद्रास्फीति के उंचा बने रहने पर बैंक ने जरुर कुछ चिंता दिखाई है। बैंक ने कहा है कि इस सूचकांक में गैरखाद्य वर्ग में भी मुद्रास्फीतिक दबाव झलकता है।

नवंबर में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति घटकर 7.24 प्रतिशत रह गई, लेकिन खुदरा मूल्य सूचकांक पर अधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 9.90 प्रतिशत हो गई। थोक में जहां खनिज, ईंधन और सब्जियों के दाम घटने से नरमी आई, वहीं इसमें प्रोटीन आधारित वसतुओं जैसे अंडा, मछली और मीट के दाम मजबूती में रहे।

समीक्षा में कहा गया है कि मौसम के हिसाब से तालमेल बिठाते हुए तीन महीने का औसत वार्षिक सूचकांक भी थोक मुद्रास्फीति दबाव में नरमी का संकेत देता है।
 
 
 
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