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4-5 प्रतिशत मुद्रास्फीति लक्ष्य पर विचार को तैयार रिजर्व बैंक
मुंबई, एजेंसी First Published:02-12-12 06:11 PM
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भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि वह मध्य काल में मुद्रास्फीति को 4 से 5 प्रतिशत तक सीमित करने के लक्ष्य पर फिर से विचार को तैयार है। केंद्रीय बैंक वार्षिक महंगाई दर को इसी के आस-पास रखना चाहता है और इसे ही अर्थव्यवस्था के लिए संतोष जनक मानता है।

इसके विपरीत अब बहुत से लोगों का मानना है कि मौजूदा परिदृश्य में यह लक्ष्य काफी कड़ा है और इसे ऊंचे स्तर से समझौता किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार ऊंची मुद्रास्फीति के दबाव में है और अक्टूबर में मुद्रास्फीति 7.45 प्रतिशत थी।

रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने यहां केंद्रीय बैंक द्वारा प्रवर्तित इंदिरा गांधी विकास एवं अनुसंधान संस्थान के रजत जयंती समारोह के दौरान पैनल चर्चा के दौरान कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि हम इस नंबर को बदलेंगे। लेकिन निश्चित रूप से हम अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करेंगे।

देश की आर्थिक संभावनाओं पर पैनल चर्चा के दौरान केंद्रीय बैंक के पूर्व गवर्नर वाई वी रेड्डी ने सुब्बाराव से कहा कि 4 से 5 प्रतिशत के महंगाई के लक्ष्य पर नए सिरे से विचार की जरुरत है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक ने यह लक्ष्य संकट से पहले तय किया था और अभी भी वह इसी पर कायम है।

रेड्डी ने कहा कि कई मोर्चों पर काफी बदलाव हुए हैं। घरेलू अर्थव्यवस्था का वैश्विक अर्थव्यवस्था से एकीकरण हुआ है और सरकारी ऋण बढ़ा है। जिसकी वजह से महंगाई लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।

 
 
 
 
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