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'दिवालिया औद्योगिक कंपनी की परिभाषा बदलने की जरूरत'
मुंबई, एजेंसी
First Published:04-02-12 07:28 PM
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के सी चक्रवर्ती ने शनिवार को कहा कि दिवालिया औद्योगिक इकाई की परिभाषा बदलने की जरूरत है। इससे दिवालियापन के मामलों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
एसएमई चैंबर आफ इंडिया द्वारा यहां आयोजित सम्मेलन के दौरान चक्रवर्ती ने कहा कि हमें बीमार इकाई की परिभाषा बदलने की जरूरत है, बीमार इकाइयों को लेकर जो परिभाषा है, उसमें बदलाव की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि एक समिति बीमार इकाइयों को पुन:परिभाषित करने को देख रही है। मौजूदा प्रावधान के अनुसार किसी कंपनी पर बकाया उसके नेटवर्थ के 50 प्रतिशत तक चला जाता है तो उसे बीमार इकाई घोषित कर दी जाती है। यह प्रावधान जोखिमपूर्ण संपत्ति से निपटने में अप्रभावी है।
चक्रवर्ती ने कहा कि जब नेटवर्थ 50 प्रतिशत घट जाता है, इकाई खत्म हो जाती है। इसे पुन:परिभाषित किये जाने से बैंक उपयुक्त कदम उठाने के लिये प्रेरित होंगे।
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