शुक्रवार, 27 फरवरी, 2015 | 13:01 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में आर्थिक वृद्धि दर 8 से 10 प्रतिशत के बीच संभव है। वर्ष 2014-15 में वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।गोधरा दंगों के बाद गुजरात के हिम्मतनगर जिले में तीन ब्रितानी लोगों की हत्या के मामले में स्थानीय अदालत ने छह लोगों को बरी किया।देश में विकास का अच्छा माहौल: आर्थिक सर्वे।2014-15 में विकास घरेलू मांग के कारण: आर्थिक सर्वे।बरेली- बीएसएफ के भिटौरा कैंप में स्‍वाइन फ़लू की दहशत, तबियत खराब होने पर जिला अस्‍पताल लाए गए 10 जवान, स्‍वाइन फ़लू के संदेह में कराया जा रहा मेडिकल परीक्षण, जांच को लखनऊ भेजे जा रहे नमूने।अप्रैल-दिसंबर के बीच महंगाई दर घटी: आर्थिक सर्वे।8 फीसदी विकास दर का अनुमान: आर्थिक सर्वे।लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश
आरबीआई बैंक के सेवा शुल्कों में हस्तक्षेप नहीं करेगा
हैदराबाद, एजेंसी First Published:26-04-12 10:27 PM

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बैंकों पर विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क लेने पर रोक नहीं लगाएगा और न ही न्यूनतम जमा पर जोर देगा। यह ग्राहकों की पसंद है कि वह कहां खाता खोले। यह बात बैंक के डप्टी गवर्नर के.सी. चक्रवर्ती ने गुरुवार को कही।

वित्तीय समावेशीकरण पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''यह कारोबार है। हम हस्तक्षेप नहीं कर सकते। हम कारोबार पर नियंत्रण लगाने के लिए नहीं हैं। हम सिर्फ अधिक प्रतियोगिता ला सकते हैं।''

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक सिर्फ बैंकों से इतना कहता है कि वह जो भी करें उसमें पारदर्शिता हो और यदि कोई शुल्क गैर वाजिब हो तो उसे खत्म कर दें।

उन्होंने कहा, ''ग्राहकों को बैंक की न्यूनतम शर्ते पता होना चाहिए।''

इससे पहले अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि बैंक उन सेवाओं के लिए भी शुल्क लेते हैं, जो वे दे नहीं रहे होते हैं। वे पहले भुगतान पर दंड लगाते हैं और अपने पुराने ग्राहकों के लिए ब्याज दर कम नहीं करते हैं। उन्होंने ऐसे चलन को अवैध और अनैतिक कहा।

उन्होंने कहा कि बैंक खाता रखना किसी भी व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और कोई भी बैंक खाता खोलने से इंकार नहीं कर सकता है।

 
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड