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गेंहू का रकबा रबी सत्र में तीन प्रतिशत घटा
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:30-11-2012 08:44:59 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
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रबी सत्र में अभी तक गेहूं बुवाई का रकबा तीन प्रतिशत घटकर 157.89 लाख हेक्टेयर रह गया है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

वर्ष भर पहले की समान अवधि में प्रमुख रबी फसल (जाड़े में बोई जाने वाली फसल) गेहूं का रकबा 162.5 लाख हेक्टेयर था। गेहूं के दुनिया में दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश भारत ने 2011-12 के फसल वर्ष (जुलाई से जून) में रिकॉर्ड 9.39 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन किया था।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि विभिन्न राज्यों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार देश के विभिन्न भागों में रबी फसल की बुवाई प्रगति पर है। अभी तक चावल खेती का रकबा भी 19 प्रतिशत घटकर 0.85 लाख हेक्टेयर रह गया है जो पिछले रबी सत्र की समान अवधि में 1.05 लाख हेक्टेयर था।

मोटे अनाज के खेती का रकबा घटकर 46.15 लाख हेक्टेयर रह गया जो वर्ष भर पहले की समान अवधि में 44.83 लाख हेक्टेयर था। इसी प्रकार दलहन का रकबा भी चालू रबी सत्र में अभी तक 6.45 प्रतिशत घटकर 102.49 लाख हेक्टेयर रह गया है जो वर्ष भर पहले की समान अवधि में 109.56 लाख हेक्टेयर था।

हालांकि तिलहन खेती का रकबा पहले के 66.76 लाख हेक्टेयर के मुकाबले थोड़ा अधिक यानी 66.84 लाख हेक्टेयर है। रबी सत्र में अभी तक कुल खेती का रकबा करीब 10.48 लाख हेक्टेयर कम यानी 374.22 लाख हेक्टेयर है।

भारत ने 2011-12 के फसल वर्ष में 25 करोड़ 74.4 लाख टन खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन किया था। देश के कुछ भागों में खराब मानसून के कारण चालू फसल वर्ष 2012-13 में उत्पादन घटकर 25 करोड़ टन रह जाने की उम्मीद है।

 
 
 
 
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