मंगलवार, 30 सितम्बर, 2014 | 19:23 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
ओबामा और मोदी ने कहा कि अब भी हमारे संबध की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह हकीकत का रूप दिया जाना बाकी है।मोदी और ओबामा ने कहा कि साल 2000 में निस्संदेह, ऐसा बहुत कुछ हुआ जिसके चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कह सके कि हम स्वाभाविक साझीदार हैं।मोदी और ओबामा ने एक संयुक्त संपादकीय में कहा कि हमारे संबंध में पहले से बहुत ज्यादा द्विपक्षीय तालमेल है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि आज हमारी भागीदारी मजबूत, विश्वसनीय और टिकाऊ है और इसमें विस्तार हो रहा है।अगस्त, 2014 में आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रही जो बीते साल की इसी अवधि में 4.7 प्रतिशत थी।जयललिता की जमानत याचिका पर कर्नाटक उच्च न्यायालय बुधवार को सुनवाई करेगा।मारुति सुजुकी मार्च, 2010 और अगस्त, 2013 के बीच विनिर्मित डिजायर, स्विफ्ट और रिट्ज की 69,555 कारें वापस मंगाएगी।दिल्ली की अदालत ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम और छोटा शकील को भगोड़ा अपराधी घोषित किया।
 
दूरसंचार बाजार में दूसरे नंबर पर भारत: मनमोहन
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:13-12-12 02:03 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बडा़ दूरसंचार बाजार बन चुका है, लेकिन अभी भी ग्रामीण शहरी दूरसंचार घनत्व में भारी अंतर को पाटने की दिशा में काम करने और किफायती दर पर ब्रांडबैंड सेवा उपलब्ध कराने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने दूरसंचार विभाग और भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ (फिक्की) द्वारा आयोजित इंडिया टेलीकॉम 2012 का शुभारंभ करते हुए कहा कि भारत वाहन खरीदने के क्षेत्र में प्रमुख देश बन चुका है और यहां ऑटोमोबाइल उद्योग सशक्त होकर उभरा है। इसका अनुसरण दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को भी करना चाहिए।

टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक सनिर्माण के क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाने की आवश्यकता जताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि भारत में ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जिससे यह प्रमुख हार्डवेयर उत्पादक बन सके। उनकी सरकार इसके लिए हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्रांति से देश के विकास में गति आई है। घरेलू स्तर पर टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को मजबूत बनाने की जरूरत है। इसको ध्यान में रख कर नई टेलीकॉम एवं इलेक्ट्रॉनिक्स नीति बनाई गई है। अब निजी क्षेत्र को इस दिशा में आगे आने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में दूरसंचार क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। देश में अभी करीब 96.5 करोड़ टेलीफोन कनेक्शन हैं और यह दुनिया का दूसरा सबसे बडा़ दूरसंचार बाजार बन चुका है। दूरसंचार क्षेत्र ने देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी संस्थागत निवेश का प्रवाह भी बढा़या है और भारतीय अर्थव्यवस्था में इसकी महती भागीदारी है।

उन्होंने कहा कि हालांकि, पिछले कुछ महीने से यह क्षेत्र कई प्रकार की चुनौतियां का सामना कर रहा है, लेकिन यह कठिन समय शीघ्र ही समाप्त होने वाला है। पिछले एक वर्ष में सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र को आगे बढाने के दिशा में कई कदम उठाए हैं। नई दूरसंचार नीति 2012 घोषित की गई है। कई जटिल मामलों पर नीतियों में स्पष्टता लाई गई है। सरकार ने स्पेक्ट्रम की उपलब्धता के साथ ही इसे पारदर्शी तरीके से आवंटित करने का प्रयास किया है। उन्हें उम्मीद है कि इससे निवेशकों की चितांए दूर होंगी और देश में दूरसंचार क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय दूरसंचार क्षेत्र का शहरी क्षेत्रों की मांग के बल पर भारी वृद्धि हुई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी इसकी पहुंच कम है। उन्होंने कहा कि जब तक ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर टेलीफोन का उपयोग शुरू नहीं होगा, तब तक इस क्षेत्र का पूरी गति से विकास नहीं हो पाएगा। अभी शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार घनत्व 169 प्रतिशत है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह मात्र 41 प्रतिशत है। ग्रामीण क्षेत्रों में 59 प्रतिशत लोग टेलीफोन का उपयोग नहीं कर रहे और उसमें सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछडा़ समुदाय मुख्य रूप से शामिल है।

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
टिप्पणियाँ
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
धूपसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 05:41 AM
 : 06:55 PM
 : 16 %
अधिकतम
तापमान
43°
.
|
न्यूनतम
तापमान
24°