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विवाद से कोयला क्षेत्र पर असर नहीं: रंगराजन
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:20-08-12 10:28 PM
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के चेयरमैन सी रंगराजन ने कोयला खानों के आवंटन पर कैग की रिपोर्ट को प्रशासनिक मुद्दा बताते हुए कहा कि इन विवादों का कोयला क्षेत्र पर असर नहीं होगा।
सरकारी अंकेक्षक कैग ने अपनी रिपोर्ट में कोयला ब्लाकों के बिना नीलामी आवंटन की आलोचना की थी। रंगराजन ने कहा कि मेरे विचार में यह भूतकाल से जुड़ा है। यह वास्तव में प्रशासनिक कामकाज से जुड़ी समस्या है और मुझे विश्वास है कि कोल इंडिया तथा कोयला मंत्रालय इस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी अंकेक्षक की रिपोर्ट को लेकर विवादों का क्षेत्र पर असर नहीं होगा। कैग ने अपनी रिपोर्ट 17 अगस्त को संसद में पेश की थी। इसके अनुसार सरकार ने 57 कोयला ब्लाक का आवंटन बिना प्रतिस्पर्धी बोली के किया और इससे निजी कंपनियों को 1.86 लाख करोड़ रुपये का भारी फायदा होने का अनुमान है। इन निजी कंपनियों में टाटा स्टील, एस्सार पावर, जेएसपीएल तथा हिंडाल्को भी है।
रंगराज ने एक साक्षात्कार में कहा कि सरकार कोयला उत्पादन बढाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भी इस मामले में गंभीर है। उन्होंने विश्वास जताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में कोयला उत्पादन बढेगा क्योंकि इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।
सरकारी अंकेक्षक कैग ने अपनी रिपोर्ट में कोयला ब्लाकों के बिना नीलामी आवंटन की आलोचना की थी। रंगराजन ने कहा कि मेरे विचार में यह भूतकाल से जुड़ा है। यह वास्तव में प्रशासनिक कामकाज से जुड़ी समस्या है और मुझे विश्वास है कि कोल इंडिया तथा कोयला मंत्रालय इस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी अंकेक्षक की रिपोर्ट को लेकर विवादों का क्षेत्र पर असर नहीं होगा। कैग ने अपनी रिपोर्ट 17 अगस्त को संसद में पेश की थी। इसके अनुसार सरकार ने 57 कोयला ब्लाक का आवंटन बिना प्रतिस्पर्धी बोली के किया और इससे निजी कंपनियों को 1.86 लाख करोड़ रुपये का भारी फायदा होने का अनुमान है। इन निजी कंपनियों में टाटा स्टील, एस्सार पावर, जेएसपीएल तथा हिंडाल्को भी है।
रंगराज ने एक साक्षात्कार में कहा कि सरकार कोयला उत्पादन बढाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भी इस मामले में गंभीर है। उन्होंने विश्वास जताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में कोयला उत्पादन बढेगा क्योंकि इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।
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