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ईंधन कीमतों में वृद्धि जरूरी: मोंटेक
मुंबई, एजेंसी First Published:28-12-12 09:38 PMLast Updated:28-12-12 11:37 PM
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योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को  कहा कि ईंधन कीमतों में अगर वृद्धि नहीं होती है तो राजकोषीय घाटा और बढ़ेगा जो पहले से ही उच्च स्तर पर है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कल ईंधन मूल्यों में चरणबद्ध ढंग से वृद्धि किये जाने पर जोर दिया। उसके बाद अहलूवालिया ने यह बात कही है।

निजी टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में अहलूवालिया ने कहा कि कोई भी सरकार खासकर लोकतांत्रित व्यवस्था में कीमत बढ़ाने से बचना चाहती है। लोगों को यह समझना चाहिये कि अगर आप कीमत नहीं बढ़ायेंगे तो उसका दूसरे क्षेत्रों पर असर होगा।

पेट्रोलियम वस्तुओं का दाम नहीं बढ़ाने के परिणाम के बारे में अहलूवालिया ने कहा कि इससे सब्सिडी का बोझ बढ़ेगा, जिससे बजट पर दबाव बढ़ेगा, सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं पर खर्च करने के लिये संसाधन कम होंगे तथा तेल कंपनियों की स्थिति और खराब होगी।

राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक को कल संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पेट्रोलियम उत्पादों, कोयला तथा बिजली दरों में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि किये जाने पर जोर दिया। अहलूवालिया ने कहा कि हाल में डीजल के दाम में वृद्धि के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों पर तेल कंपनियों को 1,60,000 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। इससे बजट पर बोझ पड़ना तय है।

सस्ते रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या सीमित किये जाने पर उन्होंने कहा कि इन चीजों के दाम जितना बढ़ाये जाने की जरूरत है, हम उसका मूल्य उतना नहीं बढ़ा पा रहे हैं। ऊर्जा कीमतों को वैश्विक दरों से जोड़े जाने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा, हमें ऊर्जा सब्सिडी का बोझ कम करने की जरूरत है।

 
 
 
 
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