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2012 बेहतर होगा 2013: इन्फोसिस
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:03-01-13 10:33 PM
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इन्फोसिस के कार्यकारी सह चेयरमैन एस गोपालकृष्णन का मानना है कि 100 अरब डॉलर के आईटी उद्योग के लिए 2013 का साल 2012 से अच्छा रहेगा। उन्होंने गुरुवार को कहा कि आर्थिक वातावरण में सुधार तथा प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ने की वजह से यह साल ज्यादा अच्छा रहेगा।

गोपालकृष्णन ने इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 2013 निश्चित रूप से 2012 से बेहतर रहेगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है विशेष कर अमेरिका में सुधार हो रहा है। चीन भी तेजी से बढ़ रहा है। भारत में भी स्थिति सुधरनी शुरू हुई है। ऐसे में संभवत: यूरोप को छोड़कर अन्य दुनिया में स्थिति में सुधार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जो अच्छा है, वह आईटी क्षेत्र के लिए भी बेहतर है। ऐसे में यह साल आईटी क्षेत्र के लिए अच्छा रहने की उम्मीद है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि कुछ भी ऐसा हो सकता है जिसकी उम्मीद नहीं है।

इस बीच, इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन ने आज इन्फोसिस प्राइज 2012 के पांच विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्हें यह सम्मान विज्ञान तथा मानविकी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया है। नेशनल केमिकल लैबोरेटरीज के वैज्ञानिक आशीष लेले को उनके इंजीनियरिंग तथा कंप्यूटर साइंस में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं प्रोफेसर सुब्रहमण्यम को इतिहास में उनके अध्ययन के लिए सम्मानित किया गया।

अन्य विजेताओं में प्रोफेसर अमित चौधरी (ह्यमैनिटीज लिटरेरी स्टडीज), प्रोफेसर सत्यजीत मेयर (लाइफ साइंस), प्रोफेसर मंजुल भार्गव (मैथमैटिकल साइंस), ए अजयाघोष (फिजिकल साइंस) तथा प्रोफेसर अरुणव सेन (सोशल साइंस-अर्थशास्त्र) शामिल हैं।

 
 
 
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