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औद्योगिक कर्मचारियों की खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में 9.6 प्रतिशत पर
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:01-12-12 02:08 PMLast Updated:01-12-12 02:12 PM
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गेहूं, चावल और दूसरी जरूरी वस्तुओं के ऊंचे दाम से अक्टूबर माह में औद्योगिक कर्मचारियों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 9.6 प्रतिशत पर पहुंच गई।
   
सरकारी आंकड़ों के अनुसार खुदरा बाजार पर आधारित महंगाई का यह आंकड़ा एक महीना पहले सितंबर में 9.14 प्रतिशत पर था, जबकि एक साल पहले अक्टूबर में 9.39 प्रतिशत रहा था।
   
सूचकांक वृद्धि में सबसे ज्यादा योगदान खाद्य वस्तुओं का रहा, जिसकी वजह से खुदरा मुद्रास्फीति में 0.45 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई। सबसे ज्यादा असर गेहूं, आटा, दूध, चाय और प्याज के दाम बढ़ने का रहा।
   
मुद्रास्फीति में खाना पकाने की गैस, बिजली दरों की वृद्धि, जलाने की लकड़ी, दवायें, डॉक्टर की फीस, बस किराया, सिनेमा टिकट की दरें बढ़ने का भी काफी असर रहा।
   
सूचकांक में तेल और वसा की गिरावट अहम रही, अन्यथा वृद्धि कहीं अधिक होती। मूंगफली, नारियल तेल, वनस्पति घी और पॉम तेल के दाम में गिरावट रही।
   
देश भर में खुदरा सूचकांक में मोंगेर, जमालपुर और सिलीगुड़ी प्रत्येक में सबसे ज्यादा छह अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। सिल्न्चर, गुंटूर, सेलम, झरिया, कोयमबटूर, शोलापुर, जलपाईगुड़ी, कोडरमा, मारियानी, जोरहाट, बैंगलूए और त्रिपुरा प्रत्येक में चार अंक की वृद्धि रही।

इसके विपरीत हुबली धारवाड़ केन्द्रों में प्रत्येक चार अंक की गिरावट दर्ज की गई जबकि गोवा में तीन अंक, चेन्नई, वाराणसी प्रतयेक में दो अंक तथा अन्य छह केन्द्रों में प्रत्येक में एक अंक की गिरावट रही।

 
 
 
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