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ईरान के साथ आर्थिक रिश्ते मजबूत करेगा भारत
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:08-05-12 04:46 PM
ईरान के साथ व्यापार कम करने के अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने मंगलवार को उसके साथ अपना व्यावसायिक संपर्क बढ़ाने का मजबूत संकेत दिया। संभवत: द्विपक्षीय तरजीही व्यापार करार के जरिये भारत ईरान के साथ आर्थिक रिश्तों को मजबूती देगा।
भारत ने जहां ईरान के साथ आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने का संकेत दिया है, वहीं ईरान के उच्च स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नेता ने कहा कि दोनों देश बिना किसी चिंता के एक दूसरे के साथ मिलकर काम करेंगे।
तेहरान चैंबर आफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड माइंस के अध्यक्ष याहया अल इशाग ने एसोचैम के साथ बैठक के बाद आज यहां कहा, तथ्य यह है कि भारत और ईरान की अर्थव्यवस्थाएं एक साथ मिलकर काम करेंगी। दूसरों को यह पसंद आए या न आए, हम मिलकर काम करेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव अरविंद मेहता ने कहा कि भारत सरकार ने ईरान के साथ तरजीही व्यापार करार के लिए अध्ययन शुरू किया है। 2010-11 में द्विपक्षीय व्यापार 14 अरब डॉलर का था। इसमें से अधिकांश हिस्सा भारत द्वारा कच्चे तेल के आयात का था।
ईरान का 56 सदस्यीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऐसे समय भारत आया है जब अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भारत की यात्रा पर हैं।
भारत ने जहां ईरान के साथ आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने का संकेत दिया है, वहीं ईरान के उच्च स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नेता ने कहा कि दोनों देश बिना किसी चिंता के एक दूसरे के साथ मिलकर काम करेंगे।
तेहरान चैंबर आफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड माइंस के अध्यक्ष याहया अल इशाग ने एसोचैम के साथ बैठक के बाद आज यहां कहा, तथ्य यह है कि भारत और ईरान की अर्थव्यवस्थाएं एक साथ मिलकर काम करेंगी। दूसरों को यह पसंद आए या न आए, हम मिलकर काम करेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव अरविंद मेहता ने कहा कि भारत सरकार ने ईरान के साथ तरजीही व्यापार करार के लिए अध्ययन शुरू किया है। 2010-11 में द्विपक्षीय व्यापार 14 अरब डॉलर का था। इसमें से अधिकांश हिस्सा भारत द्वारा कच्चे तेल के आयात का था।
ईरान का 56 सदस्यीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऐसे समय भारत आया है जब अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भारत की यात्रा पर हैं।
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