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NPA की वसूली के लिए बैंकों को नए कदम उठाने के निर्देश
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:06-12-12 03:45 PMLast Updated:06-12-12 04:38 PM
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सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की वसूली की गति बढ़ाने के लिए नए कदम उठाने को कहा है।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को गैर निष्पादित आस्तियों की वसूली की गति बढ़ाने के लिए नए कदम उठाने को कहा गया है। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान बताया कि इन कदमों में वसूली के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, हानि वाली आस्तियों की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाना, पूर्व चेतावनी प्रणाली लागू करना तथा पोस्ट डेटेड चेकों की व्यवस्था के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक क्लियरेंस प्रणाली (ईसीएस) शुरू करना आदि शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने रामकपाल यादव के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि बढ़ती गैर निष्पादित आस्तियां बताती हैं कि अर्थव्यवस्था पर कितना गहरा दबाव पड़ रहा है। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ ही एनपीए कम होने लगेगा। चिदंबरम ने यह भी कहा कि हालात में सुधार के लिए संयंम की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रिणों की वसूली के लिए बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों का पालन करना होता है।

गरीब कर्जदारों से रिण की वसूली के लिए बैंकों द्वारा बाहुबलियों का उपयोग किए जाने के संबंध में सदस्यों के चिंता जताए जाने पर चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने बैंकों के प्रमुखों से कहा है कि वसूली पूरे सम्मान-जनक तरीके से की जानी चाहिए।

वित्त मंत्री ने कहा कि वह बैंकों से फिर कहेंगे कि गरीब कर्जदारों से वसूली के दौरान उदार रवैया अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर रिण वसूली के लिए बाहुबली की सहायता लिए जाने का कोई विशेष मामला उनकी जानकारी में लाया जाएगा, तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

पीयूष गोयल के पूरक प्रश्न के उत्तर में चिदंबरम ने कहा कि बड़े कर्जदारों से वसूली के दौरान बैंकों की ओर से कोई विशेष रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़े कर्जदारों से वसूली के लिए मैं बैंकों को कोई खास छूट की अनुमति नहीं दूंगा। उन्होंने कहा कि बैंकों के लिए अपनी एनपीए की निगरानी करना और वसूली तथा उन्नयन के जरिए उन्हें कम करना जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक भी बैंकों में एनपीए के स्तर की निगरानी करता है।

 
 
 
 
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