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सुधार की पटरी पर लौट रहे है वैश्विक वित्तीय संस्थान
दुबई, एजेंसी First Published:17-12-12 12:24 PM
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वैश्विक आर्थिक संकट की मार झेलने वाले वित्तीय संस्थान अब सुधार की पटरी पर लौट रहे हैं। लंदन बिजनेस स्कूल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वित्त विशेषज्ञ ज़े क्रिस्टोफर फ्लावर्स ने यह बात कही।
   
कोलर इंस्टीटयूट आफ प्राइवेट इक्विटी और लंदन बिजनेस स्कूल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में फ्लावर्स ने कहा कि वित्तीय संस्थानों के उद्योग में कुछ लोग ऐसे हैं जो सोचते हैं कि उन्हें पूंजी पर कम रिटर्न मिल रहा है। मैं ऐसा नहीं समझता।
   
उन्होंने कहा कि एक चीज जो मुझे लगती है कि वर्ष 2020 तक वित्तीय संस्थान और पूंजी पर रिटर्न एवं वित्तीय संस्थानों के लिए लाभप्रदता सामान्य स्थिति में लौट आएगी।
   
उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि इन उद्योगों में और अधिक पूंजी का प्रवाह आए ताकि ये अर्थव्यवस्था की जरूरतें पूरी करने के लिए वित्तीय सुविधा प्रदान कर सकें।
   
यूरो संकट पर फ्लावर्स ने कहा कि मैंने अर्थव्यवस्था में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन यह स्थिति कि मुद्रा बरकरार रहेगी या नहीं, एक बहुत असाधारण मुद्दा है। अगर एक देश यूरो छोड़ देता है तो उस देश में ज्यादातर बैंक ढह जाएंगे और यह एक आपदा जैसा होगा।

 
 
 
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