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2012-13 में दूध उत्पादन 13.3 करोड़ टन अधिक होने की संभावना
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:31-12-2012 05:02:33 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

देश में वर्ष 2012-13 में दूध उत्पादन चार प्रतिशत बढ़कर 13.37 करोड़ टन रहने की संभावना है। सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि दूध के अलावा मांस और अंडों का उत्पादन भी बढ़ने की उम्मीद  है जिससे देश में इन पोषक सामग्रियों की आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि वर्ष 2011-12 में दूध उत्पादन का अनुमान 12.79 करोड़ टन का है और जो इस वर्ष 13.37 करोड़ टन होने की संभावना है। भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। उत्पादन में वृद्धि के साथ दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता पिछले वर्ष 290 ग्राम हो गई जो वर्ष 2007-08 में 260 ग्राम के लगभग थी।

विगत वर्षों में विभिन्न पशु उत्पादों के उत्पादन में सतत तेजी का उल्लेख करते हुए सरकार ने कहा कि मवेशियों, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर और पाल्ट्री से कुल मांस उत्पादन वर्ष 2012-13 में 59 लाख टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष 55.1 लाख टन था।

इसी प्रकार अंडे का उत्पादन वर्ष 2012-13 में 7,250 करोड़ होने की संभावना है जो पिछले वर्ष 6,645 करोड़ अंडे था।

अर्थव्यवस्था में छोटे किसानों के लिए रोजगार सजन और आय सुरक्षा में मवेशी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मौजूदा समय में 87 प्रतिशत से अधिक पशु उन किसानों के पास हैं जिनके पास चार हेक्टेयर से कम भूमि है।

सरकार ने कहा कि पशु पालन करने वाले छोटे और सीमांत किसान सूखे की स्थिति से पड़ने वाले प्रभाव को झेलने की बेहतर स्थिति में होते हैं।

 
 
 
 
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