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कोयला क्षेत्र के निजीकरण के किसी भी प्रयास का विरोध करेगा सीटू
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:05-01-13 02:52 PM
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श्रमिक संगठन सीटू ने निजी कंपनियों को उनके अपने (कैप्टिव) इस्तेमाल के लिए आवंटित सभी कोयला खानों को रद्द करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वह कोयला क्षेत्र के निजीकरण के किसी भी कदम का विरोध करेगा।
   
सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के बयान में कहा गया है कि सीटू कोयला क्षेत्र के निजीकरण के समर्थन में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के बयान की आलोचना करता है। अहलूवालिया का यह बयान मीडिया में आया है।
   
सीटू के महासचिव तथा राज्यसभा सदस्य तपन सेन ने कहा है कि इस तरह के किसी भी कदम का हड़ताल के जरिये विरोध होगा। उन्होंने अहलूवालिया के संबंधित बयान को गलत तथ्यों पर आधारित बताया है।
   
सीटू ने कहा है कि  निजी कंपनियों को घरेलू इस्तेमाल के लिए आवंटित सभी कोयला खानों का आवंटन रद्द हो। कोल इंडिया को सभी खनन की सांविधिक जिम्मेदारी दी जाये।

 
 
 
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