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टेलीकॉम घोटाला: एयरटेल, वोडाफोन के खिलाफ चार्जशीट दायर
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:21-12-12 05:46 PMLast Updated:21-12-12 06:03 PM
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के समय 2जी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितताओं की जांच के बाद शुक्रवार को एक आरोप-पत्र दाखिल किया। यह मामला भारती एयरटेल, वोडाफोन सहित तीन दूसंचार कंपनियों से जुड़ा है और जांच एजेंसी ने इसमें इसमें 846 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

सीबीआई ने विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी की अदालत में दाखिल आरोप-पत्र में अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितताओं के मामले में भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया लि़ और हचिसन मैक्स एंड स्टर्लिंग सेल्युलर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष को आरोपी बनाया है।

सीबीआई ने अदालत को बताया कि दूरसंचार विभाग के पूर्व उपमहानिदेशक तथा बीएसएनएल के पूर्व निदेशक जे आर गुप्ता को गवाह बनाया गया है, जबकि उनका नाम एफआईआर में आरोपी के रूप में डाला गया था। सीबीआई ने अभियोग चलाने के लिए 73 गवाहों की सूची डाली है।

जांच एजेंसी ने कहा कि पूर्व दूरसंचार मंत्री स्वर्गीय प्रमोद महाजन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और एयरटेल तथा वोडाफोन के प्रवर्तकों के विरुद्ध कोई मामला नहीं पाया गया। अदालत ने आरोप-पत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की है। सीबीआई ने आरोप-पत्र में कहा है कि महाजन के कार्यकाल में डीओटी ने दूरसंचार कंपनियों के लिए लाइसेंस के साथ दिया जाने वाला न्यूनतम स्पेक्ट्रम 4.4 मेगाहटर्ज से बढ़ाकर 6.2 मेगाहटर्ज कर दिया।
 
 
 
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