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नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद नहीं: बार्कलेज
मुंबई, एजेंसी First Published:06-12-12 04:43 PM
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ब्रिटेन के बैंक बार्कलेज का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक 18 दिसंबर को होने वाली मध्य तिमाही समीक्षा में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रख सकता है। ब्याज दरों में कटौती जनवरी में ही संभव है।

बार्कलेज ने एक नोट में कहा कि हमारा मानना है कि रिजर्व बैंक सीआरआर कटौती और खुले बाजार की क्रियाओं के जरिए तरलता से जुड़ी चिंताओं का निदान करता रहेगा।

रेपो दर जिस दर पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक उधार देता है, इसमें कटौती जनवरी के अंत तक ही संभव है। पिछले तीन महीने से अधिक समय में रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात, वह राशि जिसे बैंकों को नकदी के रूप में रिजर्व बैंक के पास रखना होता है, को 0.50 प्रतिशत घटाकर 8 प्रतिशत किया है। लेकिन इससे ब्याज दरों में तुरंत कोई कमी नहीं आयी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा तरलता स्थिति को देखते हुए हमे चालू वित्त वर्ष के अगामी तीन महीनों में खुले बाजार की क्रियाओं पर जोर और सीआआर कटौती की उम्मीद है। अगामी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर में भारी गिरावट से रेपो दर कटौती पर बल पड़ सकता है।
 
 
 
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