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RBI की मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में बदलाव नहीं
मुंबई, एजेंसी First Published:18-12-2012 12:50:10 PMLast Updated:18-12-2012 01:32:30 PM
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बैंकों और उद्योग जगत की उम्मीदों को झटका देते हुये रिजर्व बैंक ने आज मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन जनवरी में इस दिशा में कदम उठाने का संकेत दिया है।
  
केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि मुद्रास्फीति में नरमी आने के साथ ही मौद्रिक नीति का ध्यान आर्थिक वृद्धि के रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर करने पर होगा।
  
रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति की आज जारी मध्य तिमाही समीक्षा में बैंकों के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को 4.25 प्रतिशत, रेपो रेट को 8 प्रतिशत पर बरकरार रखा। इसके साथ ही रिवर्स रेपो रेट 7 प्रतिशत और बैंकों की सीमांत स्थायी सुविधा यानी एमएसएफ 9 प्रतिशत पर बने रहेंगे।
  
रिजर्व बैंक के गवर्नर डी़ सुब्बाराव ने समीक्षा में कहा मुद्रास्फीति दबाव में नरमी को देखते हुये मौद्रिक नीति को भी अब आगे आर्थिक वृद्धि के खतरों पर गौर करना होगा। रिजर्व बैंक 29 जनवरी को तीसरी तिमाही की मौद्रिक समीक्षा की घोषणा करेगा।

केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि वह आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति में होने वाले बदलावों पर नजदीकी से नजर रखे हुये हैं। वह 2012-13 के वृद्धि अनुमान में कोई बदलाव तीसरी तिमाही समीक्षा में ही करेगा।
  
समीक्षा में कहा गया है कि आर्थिक परिदश्य के समक्ष सबसे बड़ा जोखिम वैश्विक राजनीतिक आर्थिक घटनाक्रमों से है, यदि इसमें ज्यादा उठापटक होती है तो नीतिगत कदम उठाने में देर भी हो सकती है।
  
मुद्रास्फीति के बारे में समीक्षा में कहा गया है, थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति में कुछ नरमी के संकेत हैं लेकिन खुदरा मुद्रास्फीति लगातार उंची बनी हुई है। सूचकांक में शामिल गैर खाद्य वर्ग लगातार मुद्रास्फीति का दबाव बना रहने का संकेत दे रहा है।
  
रिजर्व बैंक ने कहा है कि पिछले दो महीनों के दौरान थोक मूलय सूचकांक की मुद्रास्फीति उसके अनुमानों से नीचे रही है। नवंबर में थोक मुद्रास्फीति 7.24 प्रतिशत रही है लेकिन खुदरा मुद्रास्फीति 9.90 प्रतिशत पर रही।
  
मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन ने मौद्रिक समीक्षा पर कहा कि यह अच्छी बात है कि रिजर्व बैंक को नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की संभावना दिख रही है। यह अच्छी बात है कि रिजर्व बैंक को दरों में नरमी की संभावना नजर आ रही है।

बहरहाल, वह मुद्रास्फीति पर अंकुश के अपनी मुख्य कार्य को ध्यान में रखते हुये ही कदम उठा रहे हैं। मैं नीति में आगे अच्छी खबर मिलने की उम्मीद कर रहा हूं।

 
 
 
 
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