शनिवार, 30 अगस्त, 2014 | 07:39 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
भारत-पाक के बीच प्लैग मीटिंग खत्मबीएसएफ, डीआईजी, पाक रेंजर्स की बैठकसीजफायर कायम रखने पर सहमतिआगे भी फ्लैग मीटिंग करने पर सहमतिसाढ़े तीन घंटे चली प्लैग मीटिंगधनबाद के गोविंदपुर के पास 2000 मवेशी लदे सौ ट्रक पकडे़ गए
 
सुस्त बिक्री, श्रमिक हिंसा से सालभर जूझता रहा वाहन उद्योग
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:27-12-12 12:01 PM
Last Updated:27-12-12 12:27 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

ऑटोएक्सपो के साथ साल 2012 की शानदार शुरुआत करने के बाद वाहन उद्योग लगभग पूरे साल अलग-अलग चुनौतियों से जूझता रहा। इस दौरान जहां बिक्री सुस्त रही, वहीं उद्योग को श्रमिक हिंसा का भी सामना करना पड़ा।

हालांकि, कंपनियों द्वारा नए-नए मॉडल पेश किए जाने से ग्राहकों की रुचि बाजार में बनी रही। इस दौरान बाजार में, बीएमडब्ल्यू की मिनी, मारुति सुजुकी की एर्टिगा, रेनो की डस्टर, महिंद्रा की क्वांतो और जीएम की सेल यूवीए आई।

अक्टूबर, 2011 में बिक्री में करीब 11 साल में सबसे तेज गिरावट दर्ज करने के बाद वाहन उद्योग ने साल 2012 की शुरुआत वाहन प्रदर्शनी के साथ ही की, जिसमें अमिताभ बच्चान, कैटरीना कैफ, जॉन अब्राहम और रणबीर कपूर जैसे फिल्मी सितारों ने चारचांद लगाए।

हालांकि, वाहन प्रदर्शनी के आयोजकों द्वारा भीड़ प्रबंधन नहीं कर पाने के चलते कई उद्योगपतियों ने इसे तमाशा करार दिया। ऑटोएक्सपो में करीब 7 लाख दर्शक आए। आयोजकों ने अगला ऑटोएक्सपो 2014 ग्रेटर नोएडा में आयोजित करने का निर्णय किया है।

वाहन उद्योग बिक्री में गिरावट की समस्या से जूझता रहा। चालू वित्त वर्ष में अभी तक 12,40,688 कारों की बिक्री हुई है, जो बीते साल की इसी अवधि के मुकाबले महज 1.28 प्रतिशत अधिक है। यहां तक कि त्यौहारी सीजन भी बिक्री बढ़ाने में नाकाम रहा और नवंबर में यात्री कारों की बिक्री 8.25 प्रतिशत तक घटी।

बिक्री में गिरावट की मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी, उंची ब्याज दर और उपभोक्ताओं की कमजोर धारणा रही। वाहन उद्योग को श्रमिकों की अशांति का भी सामना करना पड़ा। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के मानेसर संयंत्र में 18 जुलाई को हुई हिंसा की घटना में एक वरिष्ठ अधिकारी की जान चली गई और करीब 100 अन्य घायल हुए।

इस घटना के बाद कंपनी को करीब एक महीने तक संयंत्र में तालाबंदी की घोषणा करनी पड़ी, जिससे करीब 77,000 वाहनों के उत्पादन का नुकसान हुआ। संयंत्र को अगस्त में दोबारा खोला गया और कंपनी ने हिंसा में कथित संलिप्तता के लिए 500 से अधिक कामगारों को बर्खास्त कर दिया।

मारुति सुजुकी इंडिया की प्रतिस्पर्धी कंपनी हुंदै मोटर इंडिया को भी अपने चेन्नई संयंत्र में श्रमिक अशांति का सामना करना पड़ा। कंपनी में कर्मचारियों के एक वर्ग ने बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर 30 अक्टूबर से 10 दिन की हड़ताल कर दी।

कर्मचारी यूनियन, प्रबंधन और श्रम आयुक्त के मध्य त्रिपक्षीय वार्ता के बाद हड़ताल वापस ली गई। श्रम मुद्दों के अलावा, कंपनियों द्वारा अपने वाहनों में गड़बड़ी दूर करने के लिए वाहन वापस मंगाए जाने को लेकर भी वाहन उद्योग की आलोचना हुई।

फोर्ड इंडिया ने जहां फिगो और क्लासिक कारों की 1.28 लाख इकाइयां वापस मंगाईं, वहीं टोयोटा ने कोरोला ऑल्टिस और कैमरी कारों की 8,700 इकाइयां वापस मंगाईं। होंडा को अपनी प्रीमियम मोटरसाइकिल सीबीआर 250-आर की 11,500 इकाइयां वापस मंगानी पड़ीं।

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
टिप्पणियाँ
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
धूपसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 05:41 AM
 : 06:55 PM
 : 16 %
अधिकतम
तापमान
43°
.
|
न्यूनतम
तापमान
24°