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कृषि में पीपीपी माडल की संभावना पर हो विचार: पवार
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:27-12-12 08:45 PM
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कृषि मंत्री शरद पवार ने गुरुवार को कहा कि भारत को 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) माडल के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की संभावना टटोलनी चाहिए ताकि आने वाले वर्षों में ऊंचे खाद्यान्न उत्पादन को बनाए रखा जा सके।

पवार ने कहा कि कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों में ऊंचा निवेश खाद्य सुरक्षा तथा कृषि आय में सुधार के लिए आवश्यक है। इसके अलावा निजी बाजारों की स्थापना तथा अनुबंध खेती को बढावा देने के लिए एपीएमसी कानून में संशोधन की जरूरत है।

वे यहां राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की 57वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) माडल की बड़े व्यापक पैमाने पर संभावना टटोली जाए।

उन्होंने कहा कि 12वीं योजना में कृषि के लिए केंद्र की कार्ययोजना में किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना, कषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र के लिए बड़ी भूमिका की राह खोलना, किसान हितेषी समूहों को बढावा देते हुए छोटे व सीमांत किसानों पर ध्यान केंद्रित करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार उचित मूल्य पर गुणवत्तापरक बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने, बाकी कच्चा माल समय पर उपलबध कराने, फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने पर जोर देगी।
 
 
 
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