गुरुवार, 30 जुलाई, 2015 | 21:40 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    2022 तक आबादी में चीन को पीछे छोड़ देगा भारत  झारखंड में दिसंबर तक होगी 40 हजार शिक्षकों की नियुक्तियां महिन्द्रा सितंबर में पेश करेगी एसयूवी टीयूवी-300  नेपाल: भारी बारिश के बाद भूस्खलन, 13 महिलाओं समेत 25 की मौत, कई लापता पेट्रोल-डीजल के दामों में हो सकती है कटौती, 1 रुपये 50 पैसे तक घट सकते हैं दाम नागपुर की सेंट्रल जेल में 1984 के बाद पहली बार दी गई फांसी पढ़ें 1993 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट से अब तक का घटनाक्रम निर्दोषों को आतंकी कहा जा रहा है, मैं धमाकों का जिम्मेदार नहीं: याकूब याकूब मेमन को फांसी के बाद मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई पुंछ: LoC पर पाकिस्तान ने फिर तोड़ा सीजफायर, एक जवान शहीद
कृषि में पीपीपी माडल की संभावना पर हो विचार: पवार
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:27-12-2012 08:45:04 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
Image Loading

कृषि मंत्री शरद पवार ने गुरुवार को कहा कि भारत को 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) माडल के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की संभावना टटोलनी चाहिए ताकि आने वाले वर्षों में ऊंचे खाद्यान्न उत्पादन को बनाए रखा जा सके।

पवार ने कहा कि कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों में ऊंचा निवेश खाद्य सुरक्षा तथा कृषि आय में सुधार के लिए आवश्यक है। इसके अलावा निजी बाजारों की स्थापना तथा अनुबंध खेती को बढावा देने के लिए एपीएमसी कानून में संशोधन की जरूरत है।

वे यहां राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की 57वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) माडल की बड़े व्यापक पैमाने पर संभावना टटोली जाए।

उन्होंने कहा कि 12वीं योजना में कृषि के लिए केंद्र की कार्ययोजना में किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना, कषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र के लिए बड़ी भूमिका की राह खोलना, किसान हितेषी समूहों को बढावा देते हुए छोटे व सीमांत किसानों पर ध्यान केंद्रित करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार उचित मूल्य पर गुणवत्तापरक बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने, बाकी कच्चा माल समय पर उपलबध कराने, फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने पर जोर देगी।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingपे टीएम ने बीसीसीआई से 2019 तक प्रायोजन अधिकार खरीदे
पे टीएम के मालिक वन97 कम्युनिकेशंस ने आज भारत में अगले चार साल तक होने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के अधिकार 203.28 करोड़ रूप में खरीद लिए।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड