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PM ने दिया ईंधन मूल्यों में वृद्धि का संकेत
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:27-12-12 01:07 PM
प्रधानमंत्री मनमोहन सिह ने मौजूदा आर्थिक परिवेश को कठिन बताते हुये 12वीं पंचवर्षीय योजना में आठ प्रतिशत वृद्धि के घटाए गए लक्ष्य को हासिल करने के लिये पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाने और सब्सिडी में कटौती जैसे कठोर निर्णय लिये जाने का संकेत दिया है।
राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की विज्ञान भवन में आयोजित 57वीं बैठक का उद्घाटन करते हुये प्रधानमंत्री ने आठ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य को भी महत्वकांक्षी करार दिया। उन्होंने कहा कि पुराने ढर्रे पर चलने से काम नहीं बनने वाला। देश में ईंधन के दाम काफी कम है, इनमें धीरे धीरे संशोधन करना होगा।
12वीं योजना (वर्ष 2012 से 2017) के दृष्टिकोण दस्तावेज में इससे पहले 8.2 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया था। वैश्विक मंदी और घरेलू अर्थव्यवस्था में आई नरमी को देखते हुये योजना आयोग ने इसमें सुधार करते हुये 8 प्रतिशत वृद्धि लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया है।
प्रधानमंत्री ने बिजली और पानी इन दो क्षेत्रों को अर्थव्यवस्था के लिये महत्वूपर्ण बताया। उन्होंने कहा हमारी पहली प्राथमिकता अर्थव्यवस्था में आ रही सुस्ती को समाप्त कर इसे वापस वद्धि के रास्ते पर लाने की होनी चाहिये।
उन्होंने कहा हम वैश्विक अर्थव्यवस्था को तो नहीं बदल सकते हैं लेकिन घरेलू बाधाओं को दूर करने के लिये हम कुछ कर सकते हैं।
मनमोहन ने आर्थिक वृद्धि की रफतार तेज करने पर जोर देते हुये कहा कि आर्थिक वृद्धि बढ़ाने के पीछे हमारा वास्तविक मकसद आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाना होना चाहिये। सरकार इसीलिये सर्वसमावेशी विकास पर जोर देती रही है।
राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की विज्ञान भवन में आयोजित 57वीं बैठक का उद्घाटन करते हुये प्रधानमंत्री ने आठ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य को भी महत्वकांक्षी करार दिया। उन्होंने कहा कि पुराने ढर्रे पर चलने से काम नहीं बनने वाला। देश में ईंधन के दाम काफी कम है, इनमें धीरे धीरे संशोधन करना होगा।
12वीं योजना (वर्ष 2012 से 2017) के दृष्टिकोण दस्तावेज में इससे पहले 8.2 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया था। वैश्विक मंदी और घरेलू अर्थव्यवस्था में आई नरमी को देखते हुये योजना आयोग ने इसमें सुधार करते हुये 8 प्रतिशत वृद्धि लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया है।
प्रधानमंत्री ने बिजली और पानी इन दो क्षेत्रों को अर्थव्यवस्था के लिये महत्वूपर्ण बताया। उन्होंने कहा हमारी पहली प्राथमिकता अर्थव्यवस्था में आ रही सुस्ती को समाप्त कर इसे वापस वद्धि के रास्ते पर लाने की होनी चाहिये।
उन्होंने कहा हम वैश्विक अर्थव्यवस्था को तो नहीं बदल सकते हैं लेकिन घरेलू बाधाओं को दूर करने के लिये हम कुछ कर सकते हैं।
मनमोहन ने आर्थिक वृद्धि की रफतार तेज करने पर जोर देते हुये कहा कि आर्थिक वृद्धि बढ़ाने के पीछे हमारा वास्तविक मकसद आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाना होना चाहिये। सरकार इसीलिये सर्वसमावेशी विकास पर जोर देती रही है।
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