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स्पेक्ट्रम नीलामी से पुराने दिग्गज रहें दूरः यूनिनॉर
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:06-02-12 03:41 PM
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2जी लाइसेंस के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से आहत नॉर्वे की दूसरसंचार कंपनी यूनिनॉर ने भारत छोड़ने का विकल्प खुला रखने की बात दोहराते हुए कहा कि वह यहां कारोबार जारी रखना चाहती है और 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में निश्चित रूप से शामिल होना चाहेगी।

टेलीनॉर का सुझाव है कि नीलामी नयी कंपनियों के बीच हो और उसमें पुरानों को शामिल न होने दिया जाए। भारत में टेलीनॉर के प्रतिनिधि और 22 सर्किलों में मोबाइल सेवाएं प्रदान कर रही भारतीय दूरसंचार सेवा कंपनी यूनिनॉर के प्रबंध निदेशक सिग्वे ब्रिके ने संवाददाताओं से कहा, हम भारत सरकार के आमंत्रण पर यहां आए थे ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़े। हम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हैं, स्पेक्ट्रम की नीलामी हो, पर वह नीलामी प्रतिस्पर्धा के लिए हो और पुराने खिलाड़ियों को स्पेक्ट्रम हड़पने का अवसर न दिया जाए।

टेलीनॉर भारतीय कंपनी यूनिटेक में 67 प्रतिशत की भागीदार है और देश भर में इसके ग्राहकों की संख्या करीब चार करोड़ पहुंच गयी है। ब्रिके ने कहा कि सिद्धांत रूप से हम नीलामी में भाग लेंगे, पर यह इस बात पर निर्भर करेगा कि नीलामी कैसे की जाती है और बोली के लिए आधार मूल्य आदि क्या तय होता है।

साथ-साथ उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मौजूदा परिरिस्थिति के संदर्भ में उनकी कंपनी के मुख्य कार्यकारी जॉन फ्रेडरिक बक्सास कह चुके हैं कि कंपनी भारत से निकलने का विकल्प खुला रखे हुए है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने दो फरवरी को अपने ऐतिहासिक निर्णय में जनवरी 2008 में आवंटित 122 दूरसंचार लाइसेंस रद्द कर स्पेक्ट्रम जैसे सीमित प्राकृतिक संसाधन का आवंटन नीलामी के जरिये करने का आदेश दिया है। इस निर्णय के तहत यूनिनॉर के लाइसेंस भी आते हैं। कंपनी दिल्ली को छोड़कर सभी 22 सर्किलों में काम करती है।

यूनिनॉर के प्रबंध निदेश ब्रिके ने 2008 में लाइसेंस की कतार में शामिल कंपनियों को ही नयी नीलामी में शामिल होने का मौका दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि उस समय नए लाइसेंस देने का उद्येश्य प्रतिस्पर्धा बढ़ाना था ताकि भारत के ग्राहकों को कम दर पर बेहतर सेवाएं मिल सकें। उन्होंने मांग की कि नीलामी प्रतिस्पर्धा के लिए होनी चाहिए न कि स्पेक्ट्रम के लिए।

वह पिछले शुक्रवार को दूरसंचार नियामक ट्राई से मिले थे और नीलामी आदि के बारे में अपनी कंपनी की राय इस सप्ताह के अंत तक ट्राई को सौंपेंगे।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए चार माह का समय दिया है और ट्राई ने 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के नियम बनाने के लिए परामर्श शुरू कर दिया है। बिक्रे ने कहा कि उनकी कंपनी नए लाइसेंस और स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए तय न्यूनतम सरकारी मूल्य आदि को देखकर ही नीलामी में जाने का अंतिम निर्णय लेगी।

उन्होंने भारतीय बाजार के प्रति कंपनी के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा, हम भारतीय बाजार के कोई छोटे मोटे खिलाड़ी नहीं रह गए हैं। हमने 14,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है। हमने यहां बहुत मेहनत की है और भारत में लंबे तक कारोबार के इरादे से आए हैं।   

न्यायालय के निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में उन्होंने कहा कि हम आहत हैं पर हमें सरकार पर भरोसा है। चपेट में आयी यूनिनॉर जैसी नयी कंपनियों के ग्राहकों को आकर्षित के लिए कतिपय बड़ी कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे विज्ञापन अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि हम मरे नहीं हैं...हम बीमार भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अनैतिक अभियान के खिलाफ कंपनी ने सेल्युलर ऑपरेटरों के संगठन सीओएआई से शिकायत की है।

उन्होंने बताया कि इस तरह के अभियान से फील्ड में उनके कर्मचारियों को आक्रोश है और कंपनी ने फैसले के बाद दो दिन में दो लाख नए ग्राहक जोड़े हैं।

 
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