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वित्त सचिव अशोक चावला ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर के आंकड़े केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के 7.2 प्रतिशत के अनुमान से बेहतर रह सकते हैं।
सीएसओ के सोमवार को जारी अग्रिम अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहेगी। पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.7 फीसदी रही थी।
चावला ने कहा कि यह अग्रिम अनुमान है। आमतौर पर यह देखने में आता है कि तीसरी और चौथी तिमाही के आंकड़े अनुमान से बेहतर रहे हैं। हमें भरोसा है कि इस बार भी ऐसा ही होगा।
वृद्धि दर के अनुमानों के वित्तीय प्रोत्साहन पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे जाने पर चावला ने कहा कि जहां तक नीतिगत ढांचे की बात है, इसके लिए आपको बजट तक इंतजार करना होगा।
मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा कि वृद्धि दर के अनुमानों से पता चलता है कि देश गिरावट के दौर से उबर चुका है।
बसु ने कहा कि जी-20 के समूह में भारत उन तीन देशों में शामिल है, जहां वृद्धि दर सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि जी-20 के देशों में से 17 की वृद्धि दर नकारात्मक या शून्य है। सिर्फ तीन देशों की वृद्धि दर सकारात्मक है। ऐसे वैश्विक परिदृश्य में भारत की 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर बहुत अच्छी है।
कृषि क्षेत्र के बारे में पूछे जाने पर चावला ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर शून्य के आसपास है, नकारात्मक नहीं है।
हालांकि, उन्होंने माना कि महंगाई की दर चिंता का विषय बनी हुई है। सरकार ने महंगाई पर काबू के लिए सभी लघु, मध्यम और दीर्घावधि के उपाय किए हैं।

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