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खाद्य वस्तुओं पर आधारित मुद्रास्फीति के 17 फीसदी से ऊपर पहुंच जाने के बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि कीमत की नियमित समीक्षा की जा रही है और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को जल्द नियंत्रित कर लिया जाएगा।
एशियाटिक सोसाइटी में इंदिरा गांधी स्वर्ण पटि्टका प्राप्त करने के बाद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि बढ़ती कीमत को नियंत्रित करने के उपाय जारी है। मुझे उम्मीद है कि जरूरी चीजों की कीमतें जल्दी ही नियंत्रण में होगी।
उन्होंने कहा कि मांग और आपूर्ति में असंतुलन है और केंद्र ने इस पर गौर किया है। कुछ लोग लाभ उठा रहे हैं। सरकार आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाए है।
वित्त मंत्री ने कहा कि समिति का गठन किया गया है और कीमत स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने और जनवितरण प्रणाली को दुरुस्त बनाने के बारे में सुझाव देने के लिए केंद्र ने शनिवार को समिति के गठन की घोषणा की जिसमें वित्त मंत्री, कृषि मंत्री शरद पवार और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया समेत 10 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं।
प्रणव मुखर्जी ने कहा कि केंद्र ने बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए हैं। जनवितरण प्रणाली को दुरुस्त बनाया गया है ताकि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ लोगों को मिल सके।
थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति पिछले वर्ष शून्य से नीचे थी और दिसंबर माह में यह 7 फीसदी के आंकड़े को पार कर गई तथा मार्च तक इसके 8.5 फीसदी के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।

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