class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राहत: क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर घटाने की तैयारी

राहत: क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर घटाने की तैयारी

डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरों में कमी लाने की तैयारी कर रही है। अभी तक बैंक कार्ड पर मुहैया करायी गई सुविधाओं के मुताबिक दरें तय करते थे जिसकी छूट आरबीआई द्वारा उन्हें प्रदान की गई थी। इसे नियंत्रित करके जल्द न्यूनतम सीमा तय की जाएगी। 

नोटबंदी के बाद सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए हैं। इसमें शुल्क से छूट देना और सुविधाएं मुहैया कराना शामिल है। इस दौरान क्रेडिट कार्ड के बकाया पर मनमानी वसूली पर कोई रोक नहीं लग पाई है। बैंकों द्वारा 42 प्रतिशत तक ब्याज वसूला जाता है। आधिकारिक सूत्रों की माने तो वित्त मंत्रलय इसकी रूपरेखा तैयार कर चुका है और आरबीआई की मुहर लगनी शेष है। 

दरअसल मौजूदा समय क्रेडिट कार्ड पर निर्धारित अवधि के बाद भुगतान नहीं किए जाने पर सालाना नहीं, बल्कि महीने के हिसाब से ब्याज लगाया जाता है। ऐसे में एक साल में ब्याज की रकम और पेनाल्टी मिलाकर मूलधन से भी ज्यादा हो जाती है। 

सरकार ने इस व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में बैंकों को क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर तय करने की स्वतंत्रता को खत्म करना चाहती है जो आरबीआई के सहमत होने पर ही संभव है। याद रहे कि सुप्रीम कोर्ट भी बैंकों को क्रेडिट कार्ड पर मानमाना ब्याज वसूलने पर फटकार लगा चुका है जबकि राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के कई फैसलों से कार्डधारकों को राहत मिली है। 

बैंक नहीं सहमत:मंत्रलय के सूत्रों की माने तो बैंक क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरों में कमी लाने पर सहमत नहीं है। भारी ब्याज की वजह से ही क्रेडिट कार्ड की रकम को ग्राहक जल्दी लौटाने की कोशिश करते हैं। मंत्रलय का सुझाव है कि एक तय समय के बाद अतिरिक्त ब्याज लगाया जाए।

रुपये शुल्क क्रेडिट कार्ड से नकदी निकालने पर-
ऊंचे ब्याज का गणितआपके क्रेडिट कार्ड का 10 हजार रुपये का बिल बकाया है। 42 फीसदी के साधारण ब्याज पर 12 माह बाद मूलधन और ब्याज मिलाकर 14,200 रुपये होना चाहिए। लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज पर यह राशि 15,111 रुपये हो जाती है। इसमें 700 रुपये हर माह शुल्क को जोड़ने पर साल के अंत में कुल बकाया 23,511 रुपये हो जाता है।

एमडीआर शुल्कों का भुगतान होगा-
भारतीय रिजर्व बैंक नागरिकों द्वारा 1 जनवरी से डेबिट कार्ड के जरिए किए गए भुगतानों के लिए बैंकों को मर्चेट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्कों का भुगतान शुरू करेगा। बैंकों से कहा गया है कि वे एमडीआर के भुगतान के दावों को ऑडिटर के प्रमाणन के साथ उसे भेजें।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: rbi preparation of reduced interest rates on credit cards