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1100 रुपये में बेटी की शादी, चाय और लड्डू से बारातियों का स्वागत

1100 रुपये में बेटी की शादी, चाय और लड्डू से बारातियों का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी को सही ठहराते हुए मनसाही चितौड़िया गड़ीघाट गांव निवासी एक पिता ने बेटी की शादी महज 11 सौ रुपये में बेटी की शादी की। पूरी सादगी और रस्मों-रिवाजों के बीच गुरुवार को पहुंची बारात का स्वागत सिर्फ चाय और एक लड्डू देकर किया गया और शादी की पूरी रस्म एक घंटे में पूरी हो बारात दुल्हन लेकर विदा भी हो गयी।

बारात में आये लोग इस शादी से खुश भी थे। इस शादी में भारी खर्च के साथ-साथ सभी का समय भी बच गया। चितौड़िया के रहनेवाले योगेन्द्र सहनी की पुत्री सरस्वती कुमारी की शादी गांव के ही मुंशी सहनी के पुत्र राजा कुमार से तय हुआ था। मगर अचानक नोटबंदी के कारण उनकी शादी उतनी धूमधाम से नहीं हो पायी। मगर वे लोग इसके लिए मायूस बिल्कुल नहीं थे। शादी तय समय अनुसार गुरुवार को सुबह हुई ताकि बिजली खर्च बचे। शादी के लिए ना मंडप् बना न पंडाल।

बस आंगन में खुले आसमान के नीचे कलश और अग्नि जलाकर शादी की फेरे पूरे किये गये। शादी के लिए जो ग्यारह सौ रुपये लड़की के पिता द्वारा खर्च की गयी उनमें लड़की के कपड़े पर 350 रुपये लड़के के कपड़े पर 400 रुपये, चाय सामग्री पर 150 रुपये जबकि लड्डू मिठाई पर दो सौ रुपये का खर्च किये गये। अब तक की सबसे छोटे बचत की शादी थी।

शादी के समारोह में शामिल होने आये पंचायत के पंचायत समिति सदस्य दीपा देवी एवं समाजसेवी भोला साह ने वर वधू को आशीर्वाद दिया। इस प्रकार की शादी से फालतू खर्च भी कम होंगे। शादी समारोह में पंचायत के मुखिया दीपनारायण पासवान ,जितेन्द्र पासवान, परमानंद ठाकुर, सुजन यादव, मदन सिंह, रमेश चन्द्र यादव, शिशुपाल सिंहं, संजय कुमार, आलमगीर, रामानंद ठाकुर एवं सुरेश यादव आदि ने भाग लिया।

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  • Web Title:demonetization: daughter marriage became example, wedding ceremony in Rs 1100