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16 साल पुराने मामले में आया फैसला, BNMU के 23 शिक्षक कोर्ट से बरी

मधेपुरा| विधि संवाददाता
16 साल पुराने मामले में आया फैसला, BNMU के 23 शिक्षक कोर्ट से बरी

बीएनएमयू में 16 साल पहले हुई बंदी और तोड़फोड़ से जुड़े एक मामले में एसीजेएम 5 की कोर्ट ने गुरुवार को विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों को निर्दोष करार देते हुए मामले से बरी कर दिया।

एबीवीपी के बैनर तले विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों अपनी मांगों के समर्थन में 2000 में बीएनएमयू में आंदोलन किया था। इस दौरान भारी तोड़फोड़ भी की गयी थी।

विवि के तत्कालीन वीसी डॉ. आरके चौधरी ने ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सदर थाना में केस दर्ज कराया था। सिविल कोर्ट में 16 साल से लंबित मामले में एसीजेएम 5 अतुल कुमार पाठक ने अंतिम सुनवाई के बाद सभी 23 नामजद शिक्षकों को निदोर्ष करार देते हुए मामले से बरी कर दिया।

बरी होने वाले शिक्षकों में एबीभीपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रामनरेश सिंह, शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रसाद सिंह, महासचिव डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. अरुण कुमार, रत्नेश्वर सिंह, डॉ. रामचंद्र प्रसाद मंडल, अशोक झा, डॉ. कपिलदेव प्रसाद यादव, अरविन्द कुमार यादव, डॉ. त्रिवेणी यादव आदि हैं।

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  • Web Title:BNMU: captive and sabotage case, 23 teachers acquitted from court
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