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विश्व शांति का संदेश निहित है दिनकर की कविताओं में: राज्यपाल

बेगूसराय। नगर प्रतिनिधि First Published:23-09-2016 08:13:00 PMLast Updated:23-09-2016 11:17:34 PM
विश्व शांति का संदेश निहित है दिनकर की कविताओं में: राज्यपाल

दिनकर की रचनाओं में सिर्फ क्रांति की ही बात नहीं, उनकी कविताओं में विश्व शांति का संदेश भी निहित है। जनसरोकार से जुड़ीं उनकी रचनाएं मर्यादा व समानता के मसले को भी उठाती हैं। दिनकर अपनी कविताओं के माध्यम से ऊंच-नीच का भेद मिटाने की बात करते थे।

ये बातें राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जयंती समारोह के मौके पर शुक्रवार को बीएमपी-8 के मंजु सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की धरती पर बेगूसराय आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

दिनकर जयंती समारोह में आकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि जब मैं विश्वविद्यालय में पढ़ता था उस समय दिनकर की कविताओं के भावार्थ लिखने को कहा जाता था। दिनकर के बारे में काफी कुछ पढ़ने-समझने को मिला। लंबे अर्से से दिनकर की धरती पर आने की इच्छा थी। यह सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि दिनकर जनता के कवि थे। जनता ने उन्हें राष्ट्रकवि का दर्जा दिया। साहित्य जगत में उनका कद काफी ऊंचा था। उन्होंने कहा कि दिनकर की रचना आने वाले समय की चुनौतियों के प्रति सचेत करती है। उन्होंने कहा कि वह खुद कानून के छात्र रहे हैं। लेकिन, साहित्य में उनकी रूचि मैथिलिशरण गुप्त व दिनकर की रचनाओं के लेकर अधिक रही। कार्यक्रम का आयोजन जयते फाउंडेशन की ओर से किया गया।

बेगूसराय के सांसद डॉ. भोला सिंह ने कहा कि दिनकर की जयंती आत्मा की दीप प्रज्ज्वलित करती है। बेगूसराय वह धरा है जहां ज्ञान का मंथन हुआ। शास्त्रों व शरीर का मंथन भी हुआ। उन्होंने कहा कि दिनकर व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व हैं। दिनकर की रचना कालजयी है।

उठाई मांग: पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सीपी ठाकुर ने इस अवसर पर बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय खुलवाने की मांग राज्यपाल से की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दिनकर को भारत रत्न देने की मांग की गई है। कार्यक्रम को बेगूसराय नगर निगम के मुख्य पार्षद उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता जयते फाउंडेशन के महासचिव वंदन कुमार ने की।

इससे पूर्व राज्यपाल, बेगूसराय के सांसद, पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सांसद सीपी ठाकुर, तिलकामांझी विश्वविद्यालय भागलपुर के वीसी रमाशंकर दुबे, एलएनएमयू के हिन्दी विभागध्यक्ष डॉ. चंद्रभानू प्रसाद सिंह, मुख्य पार्षद ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया व दिनकर के तैलचित्र पर पुप्प अर्पित किया। मौके पर साहित्यकार दीनानाथ सुमित्र व अशांत भोला को राज्यपाल ने सम्मानित किया। संचालन डॉ. राहुल व शारदा सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन उपमुख्य पार्षद राजीव रंजन ने किया।

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