class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी रहे अच्छू खां का इंतकाल

भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी रहे अच्छू खां का इंतकाल

जिले में हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले एजाज हसन खां उर्फ अच्छू खां का इंतकाल हो गया। वह 75 साल के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। गुरुवार को अचानक ब्लड प्रेशर डाउन होने पर उनकी हालत बिगड़ी। परिवार वाले उन्हें बरेली ले जाने की तैयारी कर रहे थे। करीब साढ़े दस बजे अंतिम सांस ली। उनके इंतकाल की खबर सुनकर कई गणमान्य लोग शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।

शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम निवासी एजाज हसन खां उर्फ अच्छू खां ने हॉकी के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उनका जन्म 1941 में हुआ था। 1961 में ओसीएफ में हॉकी इंचार्ज के रूप में तैनाती मिली। इसके बाद 1972 से 1980 तक इंडिया की टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इंडिया की टीम से आस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसे देशों में खेलकर अपनी स्टिक का जादू दिखाया। वह मोहनबागान टीम के 1965 से 1983 तक कप्तान भी रहे। 2001 में ओसीएफ से रिटायर होने के बाद अच्छू खां ने टाउन हाल क्लब की बागडोर संभाली। वह यहां पर खिलाड़ियों को हॉकी का प्रशिक्षण देते थे। हॉकी संघ में सचिव, यूपी हॉकी एसोसिएशन में संयुक्त सचिव भी थे।

बुढ़ापे पर भी गजब की फुर्ती रखते थे अच्छू

एजाज खां की उम्र काफी ज्यादा हो चुकी थी। फिर भी उनमें गजब की फुर्ती थी। वह युवा खिलाड़ियों को भी मात देते थे। उनकी स्टिक में सच में जादू था। दूसरे खिलाड़ी को चकमा देकर कहां से बॉल निकाल ले जाएंगे, यह वह अपना अलग हुनर रखते थे।

अचानक बिगड़ी हालत

गुरुवार को करीब सुबह नौ बजे अच्छू खां की अचानक हालत बिगड़ गई। उनका ब्लड प्रेशर डाउन होने पर परिवार वाले प्राइवेट अस्पताल में ले गए। जहां से उन्हें बरेली ले जाने की सलाह दी। करीब साढ़े दस बजे उनका इंतकाल हो गया। निधन की खबर सुनकर सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, महासचिव रणंजय यादव समेत तमाम गणमान्य लोग शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे।

जनपद रत्न से हुए थे सम्मानित

हॉकी के लिए अपना पूरा जीवन लगाने व विदेशों में भारत का नाम रोशन करने पर अच्छू खां को जनपद रत्न से सम्मानित किया गया था। सकरात्मक विचारधारा के अच्छू खां को 1997 में गांधी भवन में हुए सम्मारोह में जनपद रत्न से नवाजा गया था।

31 साल से करा रहे थे अखिल भारतीय टूर्नामेंट

यूं कहें कि जिले में अच्छू खां ने हॉकी को जिंदा रखा था तो गलत नहीं होगा। अपने दम पर 31 साल से अखिल भारतीय हॉकी टूर्नामेंट कराते आए हैं। हर बार टाउन हॉल क्लब में कई प्रदेशों की टीमों का जौहर शाहजहांपुर वालों को देखने को मिलता था।

हॉकी के लिए नई पौध तैयार करते थे खां साहब

कड़ाके की सर्दी हो या फिर गर्मी। एजाज खां फजिर की नमाज पढ़ने के बाद टाउन हॉल क्लब में पहुंच जाते थे। यहां पर वह हॉकी के टिप्स बच्चों को देते थे। उनका मकसद था कि हॉकी की नई पौध तैयार होकर इंडिया की टीम का प्रतिनित्ध करें।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:achchu khan died