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अग्नि को साक्षी मानकर एक दूजे के हुए 43 जोड़े, बेटियां हुई विदा

अग्नि को साक्षी मानकर एक दूजे के हुए 43 जोड़े, बेटियां हुई विदा

विदाई समारोह में विदाई की स्वर लहरियों के बीच 43 कन्याओं की विदा हुई तो हर किसी की आंखों से आसूं झलक आए। वर-वधु ने सात फेरों के साथ सात वचनों को निभाने का वादा किया, तो वहीं आठवां वचन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए दिलाया गया। इसके साथ ही क्षत्रिय स्वर्णकार समाज कल्याणकारी समिति की ओर से सामूहिक विवाह समारोह का समापन हो गया।

बाबा विश्वनाथ यात्री निवास में बीती रात हुए विवाह समारोह में दूल्हे राजा घोड़ी पर सवार होकर पहुंचे तो उनका कन्याओं के परिजनों व समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। द्वारचार के बाद वर-वधु एक दूसरों को वरमाला डालकर अपना बना लिया। समारोह में लोगों ने वर-वधु को आर्शीवाद दिया। एक साथ कई जोड़ों को देखकर हर कोई उत्साहित दिखा। देर रात तक शादी समारोह में धूम धड़ाका हुआ। सवेरे तड़के ही वर-वधु ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरों के साथ जीवन भर साथ रहने व सुख-दुख में सहभागी होने की कसम खाई। पंडित पुनीत ने विवाह की रस्में पूरी करवाई। इसके के बाद समय हुआ विदाई का। कन्या पक्ष के साथ समिति के लोग भी बेटियों की विदाई के लिए जुटे। कन्याओं को विदाई दी गई तो हर किसी की आंखें नम हो गई, मानो वहां मौजूद लोग अपनी बेटी या बहन को ससुराल के लिए विदा कर रहे हों। समिति के संरक्षक हरिश्चंद्र वर्मा, रामनरेश वर्मा, रामकिशोर वर्मा ने वर व कन्याओं को आर्शीवाद दिया। समारोह के आयोजन में जिलाध्यक्ष अनूप वर्मा, महासचिव गनेश चंद्र वर्मा, कोषाध्यक्ष संजीव वर्मा, जिला संयोजक प्रदीप कुमार, आनंद वर्मा, रिंकू वर्मा, प्रभाकर वर्मा, ईश्वर दयाल, इंद्रपाल वर्मा, राजकमल वर्मा, अमित वर्मा, सुभाष वर्मा, कुलदीप सिंह, गुड्डू वर्मा, विशाल वर्मा आदि का सहयोग रहा।

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  • Web Title:43 bride & groom marreige
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