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दहेज हत्या में पति, देवर व सास को दस वर्ष कैद

जनपद न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने तीन साल पहले दहेज हत्या के मामले में पति, देवर व सास को दोषी मानते हुए दस-दस साल की कठोर सजा सुनाई। आरोपी जमानत पर थे। जिन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।

कानपुर देहात क्षेत्र के सजेती कस्बा निवासी प्रकाशचंद्र गुप्ता ने बबेरू कोतवाली 10 अक्टूबर 2013 को रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि उसने अपनी बेटी ज्योति उर्फ खुशबू की शादी नेतानगर अतर्रा रोड बबेरू निवासी अरविंद कुमार गुप्ता पुत्र ओमप्रकाश के साथ 9 फरवरी 2010 को की थी। अपने हैसियत के मुताबिक दानदहेज दिया था। पति अरविंद गुप्ता,देवर अमित उर्फ टिर्री,सास सरोज गुप्ता दिए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। दहेज के रूप में पांच लाख रुपए की मांग करने लगे। यह बात बेटी ज्योति उर्फ खुशबू ने अपने मायके वालों से बताई। मायके वालों ने ससुराल आकर ससुरालीजनों को समझा बुझाया। दहेज की मांग पूरी न करने पर अपनी असमर्थता जताई। ससुरालीजन पति,देवर व सास उसकी बेटी को शारीरिक व मानिसक प्रताड़ने देने लगे। 14अक्टूबर 2013 की शाम सात बजे ससुरालीजनों ने दहेज की मांग को लेकर ज्योति को लाठी,डंडों से बेहरमी से पिटाई कर दी। जिससे वह बेहोश हो गई। बेटी के पिता प्रकाशचंद्र गुप्ता को फोन द्वारा सूचना मिली कि बेटी बेहोश पड़ी है। सूचना पर बेटी का पिता उसके ससुराल पहुंच गया। उसने देखा कि बेटी बेहोश पड़ी हुई है। बेटी को लेकर अस्पताल लाया। जहां डाक्टरों ने देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। विवेचक ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज यादव व सहायक शासकीय अधिकवक्ता मिस्किीन अली ने अदालत में सात गवाह परीक्षित कराए। गुरुवार को जनपद न्यायाधीश ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों की सुनवाई करने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पति,देवर और सास को धारा 304 बी में दस-दस वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। 498ए में तीन-तीन साल की सजा व दो-दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

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  • Web Title:husband, brother and mother to ten years imprisonment