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डीपीएस के छात्र की फिरौती के लिए हत्या

अपने चार साथियों की मदद से एमबीए छात्र ने डीपीएस के 11वीं कक्षा के छात्र का अपहरण कर, उसकी हत्या कर दी। अपहर्ताओं ने अभिभावक से फिरौती में 50 लाख रुपये की मांग की थी। मंगलवार को पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।

मारुति कुंज निवासी 17 साल का अजरुद्दीन 21 नवंबर को अपनी बहन शबनम के लिए एजुकेशन लोन के लिए आवेदन करने जा रहा था। पड़ोस में रहने वाले एमबीए के छात्र सैयद आफताब, बीएससी कर रहे मनोज यादव व रवि कुमार उर्फ गोल्डी ने अजरुद्दीन को घूमने के बहाने अपने साथ कर लिया।

अल्टो में सवार होने के बाद उन्होंने अजरुद्दीन को बैंक तक ड्रॉप करने की भी बात कही। अजरुद्दीन डीपीएस मारुति कुंज में 11वीं क्लास का छात्र था। शाम तक उसके नहीं लौटने पर परिजनों ने भोंडसी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर, छानबीन शुरू कर दी, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। अजरुद्दीन के पिता अख्तर ने कहा कि सात दिन बाद उनके बेटे के मोबाइल से किसी ने कॉल कर धमकियां दीं और  50 लाख रुपये मांगे।

गुड़गांव पुलिस इस मामले में आरोपियों का पता करने के लिए भी पहुंची, लेकिन फिरौती की रकम के लिए हामी भरने के बाद भी अजरुद्दीन को कोई कॉल नहीं आई। डीसीपी क्राइम, अनिल धवन ने बताया कि अजरुद्दीन का अपहरण करने के बाद 21 नवंबर को ही अपहर्ताओं ने एटा के केशरपुर गांव के जंगल में गला दबाकर उसकी हत्या कर शव को वहीं फेंक दिया था।

मास्टरमाइंड आफताब ने इस घटना को अंजाम देने के लिए केशरपुर गांव के प्रेम सिंह और ब्लीस्टर उर्फ पप्पू को भी साथ लिया था।

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