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पूविवि: शिक्षकों की नियुक्ति में भारी धांधली का आरोप

वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित शिक्षकों की नियुक्ति में भारी धांधली की गयी है। प्रंबधक व विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह धंधा वर्षो से फल-फूल रहा है। एक-एक शिक्षक तीन-तीन जगह तैनात किये गये हैं।

हैरत की बात यह है कि, पूविवि प्रशासन इन खामियों को जानते हुए भी आखिर क्यों चुप्पी साधे हुए है। इसी का परिणाम है कि, अंग्रेजी व भूगोल विषय के एक-एक शिक्षकों की तीन-तीन जगह नियुक्ति की गयी है। छात्रों को शिक्षा प्रदान करने का दावा करने वाले लोगों ने शिक्षा को व्यवसाय बना लिया है।

अध्यापकों की फर्जी नियुक्ति कर धांधली करने वालों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है। अभी सौ से अधिक महाविद्यालयों की सूची विश्वविद्यालय को जारी करना बाकी है। अगर चंद कालेजों में इतनी खामी है, तो पूरी सूची आने पर क्या होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

विश्वविद्यालय द्वारा जारी की गयी सूची के  अनुसार बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय सिद्दीकपुर में तैनात अंग्रेजी के शिक्षक राजबहादुर का नाम जनहित महाविद्यालय गोमती नगर जलालपुर में भी चल रहा है। इसी विषय की शिक्षिका डा. माला श्रीवास्तव केशव माधव बैजनाथ महाविद्यालय चकबिलायत दरगाह मऊ तथा पूर्वांचल स्नातकोत्तर महाविद्यायल रामसुंदर रानी की सराय आजमगढ़ में भी नियुक्त हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन के मातहतों ने प्रबंधकों की मिलीभगत से सूची जारी करने में भी खेल कर दिया है। एक जगह माला श्रीवास्तव का पूरा नाम व जन्मतिथि अंकित है, जबकि दूसरी जगह न तो जन्मतिथि अंकित है और न ही पिता का नाम। अंग्रेजी विषय में ही डा. सुनील कुमार श्रीवास्तव की नियुक्ति कमलनाथ सिंह महाविद्यालय बरोही फतेहपुर आजमगढ़ व मां बबुना महाविद्यालय बढ़गहन आजमगढ़ में भी की गयी है।

चालाकी सिर्फ यह की गयी है कि, एक जगह से जन्मतिथि हटा दी गयी है। डॉ. अजय कुमार सिंह मां बुद्धा नेशनल महाविद्यालय गन्धुवई निजामाबाद आजमगढ़ व ग्राम समाज पीजी कालेज जयस्थली जयनगर आजमगढ़ में की गयी है। योगेंद्रनाथ ओझा कृष्णन महाविद्यालय बांसगांव आजमगढ़ व रामसुंदर पांडेय महाविद्यालय गजियापुर मऊ में भी तैनात हैं।

डॉ. शैलेंद्र कुमार यादव की नियुक्ति तीन-तीन जगह की गयी है। शैलेंद्र की नियुक्ति रामदवर महाविद्यालय लारादपुर ओरिल आजमगढ़, चेरख डिग्री कालेज एकरामपुर आजमगढ़ व फेंकू सिंह महाविद्यालय चेवार लालगंज आजमगढ़ में की गयी है। अभी अंग्रेजी विषय में और भी शिक्षक हैं, जो दो से चार जगह नियुक्त किये गये हैं। लेकिन विवि प्रशासन उनकी सूची जारी नहीं कर सका है।

भूगोल विषय में भी शिक्षकों की नियुक्ति में भारी धांधली विवि प्रशासन द्वारा जारी की गयी सूची में नजर आ रही है। मनोज चौहान महाविद्यालय अकराव सादियाबाद गाजीपुर व रामकरन शिवकरन आदर्श महाविद्यालय सियांवा भितरी गाजीपुर में नियुक्त हैं।

रवींद्रनाथ यादव मुखराम महाविद्यालय रूहीपुर गाजीपुर व शिवव्रत महाविद्यालय मंगारी गाजीपुर में तैनात हैं। शैलेष पाठक मैना महाविद्यालय बैदौली आजमगढ़ व श्री गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालटारी आजमगढ़ में तैनात बताये जा रहे हैं।

चालाकी सिर्फ यह की गयी है कि, एक जगह उनके नाम के आगे जन्मतिथि व पिता का नाम हटा दिया गया है। शिक्षक पारसनाथ यादव हनुमान सिंह महाविद्यालय देवकली गाजीपुर, महंत रामाश्रयदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय भुड़कुड़ा गाजीपुर व गोपीनाथ महाविद्यालय देवली सलामतपुर गाजीपुर में नियुक्त हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि, नियुक्तियों में कितनी धांधली की गयी है।

बंशी बालगोपाल महाविद्यालय सगरा गाजीपुर में अभय कुमार तिवारी की नियुक्ति तो की ही गयी थी, लेकिन जन्मतिथि में फेरबदल कर अभय की नियुक्ति राधारमण महाविद्यालय आदर्श विद्यापीठ रूहीपुर गाजीपुर में भी कर दी गयी। साधना यादव स्व. किशुनचंद बखारी बाबा महाविद्यालय तियरा गाजीपुर, गुरु फूलचंद्र महाविद्यालय गाजीपुर व ग्राम समाज पीजी कालेज जयस्थली आजमगढ़ में भी नियुक्त की गयी हैं।

सूची में एक जगह से उनकी जन्मतिथि को विश्वविद्यालय प्रशासन के कर्मचारियों ने हटा दिया। अभी अन्य फर्जी नियुक्तियों की खोज जारी है। इस संबंध में कुलसचिव डा. बी.एल. आर्य ने कहा कि, उन्हें भी इस बात की जानकारी हो गयी है कि, फर्जी ढंग से शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

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