class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रुचिका मामला व्यवस्था के दुरुपयोग का खराब उदाहरण: सिन्हा

मुख्य सतर्कता आयुक्त प्रत्यूष सिन्हा ने कहा कि रुचिका गिरहोत्रा मामले में हरियाणा के एक पूर्व पुलिस अधिकारी को हल्की सजा मिलना इस बात का बहुत खराब उदाहरण है कि कोई व्यवस्था के साथ क्या कर सकता है और कैसे बच सकता है।

सिन्हा ने कहा कि किसी भी पद के दुरुपयोग को हर कीमत पर रोका जाना चाहिए। यह मामला (रुचिका मामला) इस बात का बहुत खराब उदाहरण है कि कोई व्यवस्था के साथ क्या कर सकता है और बच निकल सकता है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश हमारे पास नियम शर्तें हैं लेकिन उनका सख्ती से पालन नहीं होता। आज भी नियम हैं और यदि सरकार इन्हें गंभीरता से प्रभाव में लाए तो इस तरह के हादसे नहीं होंगे।

आला दर्जे के भ्रष्टाचार के मामलों के समाधान में देरी पर उन्होंने कहा कि इनमें देरी हो रही है। मैं स्वीकार करूंगा कि जब एक उच्चस्तरीय मामले में जांच हो रही होती है तो हमारे कई सवालों की प्रतिक्रिया में विलंब होता है। सिन्हा ने कहा कि यदि कोई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो तो कई सरकारी एजेंसियों की तरफ से तेजी से आगे बढ़ने में निश्चित तौर पर झिझक होती है।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पी़डी़ दिनाकरन से संबंधित विवादों पर उन्होंने कहा कि आज कल हम देखते हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों के राजनीतिकरण का प्रयास हो रहा है। ऐसा ही बिल्कुल न्यायमूर्ति दिनाकरन के मामले में हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:रुचिका मामला व्यवस्था के दुरुपयोग का खराब उदाहरण: सिन्हा