class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जापान का सीटीबीटी पर भारत से हस्ताक्षर का आग्रह

जापान का सीटीबीटी पर भारत से हस्ताक्षर का आग्रह

व्यापक परमाणु परीक्षण निषेध संधि (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करने के जापान की ओर से दबाव के बाद भारत ने इसकी जिम्मेदारी अमेरिका और चीन पर डालते हुए कहा कि उन्हें इस दिशा में पहल करनी होगी।

अपने जापानी समकक्ष युकियो हातोयामा के साथ वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत वैश्विक, अभेदकारी और निरीक्षणकारी निशस्त्रीकरण के लिए जापान और दूसरे समान विचारधारा वाले देशों के साथ काम करने का इच्छुक है।

जापान ने उच्च प्रौद्योगिकी के कारोबार पर लगी पाबंदियों में ढील देने का वादा किया। दोनों देशों ने एक कार्ययोजना का खुलासा कर अपने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की कोशिश की। इस कार्ययोजना में आतंकवाद पर रोक लगाने के क्षेत्र में आदान-प्रदान तथा द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने का संकल्प जताया गया।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ व्यापक बातचीत के बाद जापान के प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहा कि दोनों देशों के बीच सीटीबीटी और अप्रसार संधि (एनपीटी) को लेकर मतभेद हैं।

हातोयामा ने कहा मुझे आशा है कि अमेरिका और चीन के साथ, भारत भी सीटीबीटी पर हस्ताक्षर और इसका अनुमोदन करेगा।

उन्होंने कहा जवाब में प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि अमेरिका और चीन सीटीबीटी पर हस्ताक्षर करेंगे तो एक नयी स्थिति पैदा होगी। मेरा मानना है कि उन्होंने इसे तथ्य के तौर पर कहा है। हमें इन प्रयासों में दढ़ता से शामिल होना है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जापान का सीटीबीटी पर भारत से हस्ताक्षर का आग्रह